Home Gadgets दिवाली पर पटाखे फोड़ सकेंगे या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया...

दिवाली पर पटाखे फोड़ सकेंगे या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया रुख

7
0
दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण प्रतिबंध और 24 घंटे की अनुमति, दोनों से अलग संतुलित व्यवस्था का संकेत दिया।

नई दिल्ली: दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। अदालत ने संकेत दिया कि पटाखों पर देशभर में पूर्ण प्रतिबंध लगाने का उसका इरादा नहीं है, लेकिन 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति भी नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि दिवाली लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है, लेकिन पटाखों से होने वाले प्रदूषण का असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर भी पड़ता है।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मौजूदा सुनवाई दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के इस्तेमाल और प्रदूषण से जुड़े मामले के संदर्भ में है। इसलिए इसे अभी पूरे देश में पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल की अंतिम अनुमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

न पूर्ण प्रतिबंध, न 24 घंटे की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान संतुलित रास्ता अपनाने की बात कही। अदालत ने संकेत दिया कि पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक लगाने के बजाय पटाखों के प्रकार और उन्हें चलाने के लिए निर्धारित समय पर नियम बनाए जा सकते हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर पूरे दिन पटाखे चलाने की अनुमति दी जाती है तो इसका असर आम लोगों के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे में त्योहार की परंपरा और पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन जरूरी है।

15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले पर अब 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। अदालत आगे पटाखों के प्रकार और उनके इस्तेमाल के लिए संभावित समय-सीमा पर विचार करेगी।

इसका मतलब यह है कि फिलहाल पटाखों को लेकर अंतिम और व्यापक नियमों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। आगामी सुनवाई में अदालत की ओर से और दिशा-निर्देश सामने आ सकते हैं।

दिल्ली-NCR में पहले भी लगाए गए हैं प्रतिबंध

पटाखों और वायु प्रदूषण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से चल रहा है। अदालत ने पिछले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में पटाखों को लेकर कई तरह के निर्देश दिए हैं।

2025 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के लिए सीमित समय तय किया था। उस आदेश में पटाखे चलाने का समय सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक निर्धारित किया गया था। साथ ही कुछ प्रकार के पटाखों, जिनमें बेरियम वाले पटाखे और प्रतिबंधित लड़ी शामिल थीं, पर रोक लगाई गई थी।

प्रदूषण और दिवाली की परंपरा के बीच संतुलन पर जोर

इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह है कि दिवाली के दौरान लोगों को त्योहार मनाने की अनुमति देते हुए प्रदूषण को किस तरह नियंत्रित किया जाए।

अदालत के बुधवार के रुख से संकेत मिलता है कि इस बार भी समय-सीमा, पटाखों के प्रकार और प्रदूषण नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जा सकता है। अंतिम नियम अगली सुनवाई और अदालत के आदेशों के बाद ही स्पष्ट होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here