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फोन पर दिखे ‘महात्मा गांधी’ नाम तो हो जाएं सावधान! एक गलती और खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

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फोन स्क्रीन पर महात्मा गांधी नाम की संदिग्ध कॉल और साइबर फ्रॉड से बचने की चेतावनी
महात्मा गांधी के नाम से संदिग्ध कॉल से सावधान

अगर आपके स्मार्टफोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और स्क्रीन पर ‘महात्मा गांधी’, किसी बड़े अधिकारी, बैंक या सरकारी विभाग का नाम दिखाई देता है, तो केवल इस नाम को देखकर कॉल पर भरोसा न करें। साइबर अपराधी लोगों को भरोसे में लेने के लिए अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल कर सकते हैं और फोन कॉल के जरिए निजी या बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर ‘महात्मा गांधी’ नाम से बड़े पैमाने पर कॉल आने का दावा सामने आ सकता है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे देशव्यापी नया scam मानना सही नहीं होगा। दूसरी ओर, Caller ID spoofing और फोन के जरिए जानकारी हासिल करने वाले vishing scams वास्तविक साइबर अपराध के तरीके हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की सलाह भी कहती है कि अनजान कॉल पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और किसी संस्था के प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान आधिकारिक माध्यम से सत्यापित करनी चाहिए।

Caller ID देखकर क्यों नहीं करना चाहिए भरोसा?

कॉलर की स्क्रीन पर दिखाई देने वाला नाम हमेशा इस बात की गारंटी नहीं देता कि फोन वास्तव में उसी व्यक्ति या संस्था की ओर से आया है। Truecaller के मुताबिक, Caller ID में दिखाई देने वाली जानकारी में यूजर प्रोफाइल और कम्युनिटी द्वारा सुझाए गए नाम जैसे स्रोत शामिल हो सकते हैं। कंपनी यह भी बताती है कि किसी नंबर की पहचान बदल सकती है और गलत नाम की जानकारी भी सामने आ सकती है।

इसलिए स्क्रीन पर किसी प्रसिद्ध व्यक्ति, बैंक, पुलिस या सरकारी विभाग का नाम दिखने मात्र से कॉल को वास्तविक नहीं मानना चाहिए।

Cyber Fraud में कैसे फंसाते हैं ठग?

फोन कॉल के जरिए होने वाले ऐसे फ्रॉड को Vishing कहा जाता है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार, vishing में अपराधी फोन के जरिए Customer ID, Net Banking Password, ATM PIN, OTP, CVV या दूसरी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

ठग खुद को बैंक अधिकारी, पुलिस, कस्टम अधिकारी, KYC कर्मचारी या किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधि बताकर बातचीत शुरू कर सकते हैं। इसके बाद वे खाते के बंद होने, KYC अपडेट, किसी संदिग्ध लेनदेन या दूसरे बहाने से व्यक्ति पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बना सकते हैं।

OTP और UPI PIN बिल्कुल शेयर न करें

सबसे जरूरी बात यह है कि फोन पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, नेट बैंकिंग पासवर्ड या बैंक की संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की वित्तीय धोखाधड़ी संबंधी सलाह भी स्पष्ट रूप से कहती है कि बैंक कर्मचारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति को भी OTP, PIN और अन्य संवेदनशील जानकारी नहीं देनी चाहिए।

अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचें

अगर कॉल के दौरान कोई व्यक्ति SMS या WhatsApp पर लिंक भेजता है और उसे खोलने के लिए कहता है, तो जल्दबाजी न करें। इसी तरह किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने या स्क्रीन शेयर करने से भी बचना चाहिए।

Truecaller की हालिया साइबर-सुरक्षा सलाह में भी अचानक आने वाले बैंकिंग, KYC या सरकारी कार्रवाई से जुड़े कॉल पर सावधानी बरतने और संदिग्ध लिंक या स्क्रीन-शेयरिंग अनुरोध से बचने की सलाह दी गई है।

संदिग्ध कॉल आए तो क्या करें?

  • Caller ID के नाम पर अकेले भरोसा न करें।
  • अनजान व्यक्ति को OTP, PIN या बैंक डिटेल न बताएं।
  • बैंक/सरकारी विभाग का नाम लिया जाए तो आधिकारिक वेबसाइट से नंबर लेकर खुद संपर्क करें।
  • संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी अनजान ऐप को डाउनलोड न करें।
  • कॉलर अगर तुरंत पैसे भेजने या कोई कार्रवाई करने का दबाव बनाए तो कॉल काट दें।
  • साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष

फोन की स्क्रीन पर ‘महात्मा गांधी’ या किसी VIP/सरकारी अधिकारी का नाम दिखाई देना अपने आप में कॉल के असली होने का प्रमाण नहीं है। किसी भी अनजान कॉल में सबसे जरूरी है कि पहचान को स्वतंत्र रूप से verify किया जाए और कोई भी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा न की जाए।

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