पंजाब की राजनीति और ख़ासकर मालवा क्षेत्र में एक बड़ा सियासी फेरबदल देखने को मिला है। नाभा जेल ब्रेक कांड के मुख्य साजिशकर्ता और पूर्व गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
चर्चा है कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी गुरप्रीत सेखों को फिरोज़पुर जिले की ज़ीरा (Zira) विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है।
कौन हैं गुरप्रीत सिंह सेखों?
गुरप्रीत सिंह सेखों फ़िरोज़पुर जिले के ज़ीरा सब-डिवीजन के रहने वाले हैं।
- अपराध का इतिहास: सेखों का नाम पंजाब के चर्चित गैंगस्टरों में शुमार रहा है। वह 2016 के बहुचर्चित नाभा जेल ब्रेक कांड के मुख्य मास्टरमाइंड थे, जिसमें हथियारबंद हमलावरों ने जेल पर हमला कर सेखों सहित 6 कैदियों को फरार करा दिया था। 2017 में पुलिस ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया था और नवंबर 2023 में उन्हें जमानत मिली थी।
- राजनीतिक पारी: जेल से बाहर आने के बाद सेखों ने खुद को अपराध की दुनिया से दूर कर मुख्यधारा की राजनीति और समाज सेवा में सक्रिय कर लिया। हाल ही में हुए जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में उनके परिवार और समर्थकों ने फ़िरोज़पुर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
AAP के लिए इस फैसले के फायदे
- ज़ीरा और सीमावर्ती बेल्ट में मजबूत पकड़: ज़ीरा, मुद्का और फ़िरोज़पुर देहाती क्षेत्रों में सेखों का मजबूत व्यक्तिगत प्रभाव और कैडर बेस है। AAP को उम्मीद है कि इससे सीमावर्ती इलाकों में पार्टी का आधार मजबूत होगा।
- अकाली और कांग्रेस के गढ़ में सेंध: ज़ीरा पारंपरिक रूप से शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है। सेखों के आने से इस सीट पर पार्टी के जीतने की संभावनाएं काफी बढ़ सकती हैं।
- सुधार का संदेश: AAP इसे एक ऐसे उदाहरण के रूप में पेश कर सकती है जहाँ एक व्यक्ति ने अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा की सामाजिक और राजनीतिक सेवा का रास्ता चुना है।



























