पंजाब में BJP और Shiromani Akali Dal (SAD) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों के बीच बीजेपी ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। पंजाब के नए BJP प्रभारी सतीश पूनिया ने मंगलवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
गुजरात दौरे के बाद चंडीगढ़ पहुंचे सतीश पूनिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह लगातार यही बात दोहरा रहे हैं कि बीजेपी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी यह बात सुनकर पत्रकारों को “बोरिंग” लग सकती है, लेकिन पार्टी का रुख यही है।
‘मैं दोहरा रहा हूं, BJP 117 सीटों पर लड़ेगी’
सतीश पूनिया ने कहा कि बीजेपी अपनी ताकत और क्षमता के दम पर पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व उपमुख्यमंत्री और SAD नेता सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद दोनों दलों के दोबारा साथ आने की चर्चाएं तेज हुई हैं।
हालांकि, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी पार्टी के अकेले चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। अब पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया के बयान से बीजेपी ने गठबंधन की अटकलों के बीच अपना मौजूदा रुख दोहराया है।
सुखबीर बादल और PM मोदी की मुलाकात पर क्या बोले पूनिया?
सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात को लेकर जब सतीश पूनिया से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि किसी नेता की प्रधानमंत्री से मुलाकात का मतलब यह नहीं है कि गठबंधन हो गया है।
पूनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से सभी से मिलते हैं और उनसे मिलने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए केवल मुलाकात के आधार पर बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन की संभावना को तय नहीं किया जा सकता।
2027 चुनाव से पहले पंजाब में बढ़ी सियासी हलचल
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार के सामने अपनी सत्ता बचाने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी पंजाब में अपने संगठन और राजनीतिक आधार को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद बीजेपी ने पंजाब पर अपना फोकस और बढ़ाया है। पार्टी की कोशिश राज्य में खुद को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के तौर पर स्थापित करने की है।
BJP और SAD का पुराना गठबंधन रहा है मजबूत
पंजाब की राजनीति में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन लंबे समय तक महत्वपूर्ण रहा है। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का पारंपरिक फॉर्मूला 23-94 रहा था। इसके तहत बीजेपी 117 विधानसभा सीटों में से 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी, जबकि बाकी सीटों पर अकाली दल अपने उम्मीदवार उतारता था।
1997 से 2017 तक दोनों दलों ने कई चुनाव साथ मिलकर लड़े। इस दौरान बीजेपी पंजाब में अकाली दल की सहयोगी पार्टी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरती रही।
पंजाब विधानसभा चुनावों में BJP का प्रदर्शन
| चुनाव वर्ष | गठबंधन | BJP ने कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा | BJP ने कितनी सीटें जीतीं |
|---|---|---|---|
| 2022 | PLC और SAD (संयुक्त) के साथ | 73 | 2 |
| 2017 | SAD के साथ | 23 | 3 |
| 2012 | SAD के साथ | 23 | 12 |
| 2007 | SAD के साथ | 23 | 19 |
| 2002 | SAD के साथ | 23 | 3 |
2020 में कृषि कानून विवाद के बाद टूटा गठबंधन
बीजेपी और अकाली दल का दशकों पुराना गठबंधन कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में टूट गया था। इसके बाद 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पहली बार अकाली दल के बिना बड़े स्तर पर चुनाव लड़ा।
2022 में बीजेपी ने 117 में से 73 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। हालांकि, पार्टी को केवल दो सीटों पर जीत मिली।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा करके यह संकेत दिया है कि पार्टी पंजाब में अपने संगठन को विस्तार देने और स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
क्या BJP-SAD फिर साथ आएंगे?
सुखबीर सिंह बादल और PM मोदी की मुलाकात के बाद बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हुई हैं, लेकिन फिलहाल बीजेपी की ओर से सार्वजनिक रूप से अकेले चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है।
सतीश पूनिया के ताजा बयान के बाद फिलहाल यह साफ है कि बीजेपी 2027 के चुनाव को लेकर अपनी रणनीति को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने का संदेश दे रही है। हालांकि, चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलना पंजाब की राजनीति में कोई नई बात नहीं होगी।
अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में BJP-SAD गठबंधन को लेकर तस्वीर बदलती है या बीजेपी वास्तव में पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के अपने ऐलान पर कायम रहती है।




























