पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद सचिन पायलट लगातार पार्टी संगठन से जुड़े नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। मंगलवार को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में उन्होंने पंजाब यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन को मजबूत करने और युवाओं की जमीनी भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
रिपोर्टों के मुताबिक, सचिन पायलट ने यूथ कांग्रेस के नेताओं से कहा कि संगठन को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर तक सक्रिय युवा टीम तैयार की जाए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने और स्थानीय मुद्दों को उठाने पर जोर दिया।
सचिन पायलट ने यूथ कांग्रेस को दिया ‘मिशन 2027’ का संदेश
बैठक में सचिन पायलट ने यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों को संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच पहुंच बनाने के निर्देश दिए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक का मुख्य फोकस ग्रासरूट संगठन को मजबूत करना और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाना था।
पायलट ने युवा नेताओं से कहा कि उन्हें पार्टी कार्यालय या बैठकों तक सीमित रहने के बजाय गांवों, वार्डों और बूथ स्तर पर सक्रिय रहना होगा।
गुटबाजी से दूर रहने की हिदायत
सचिन पायलट ने युवा नेताओं से संगठन के भीतर गुटबाजी से दूर रहकर काम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने नेताओं को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर पार्टी संगठन को मजबूत करने की बात कही।
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठनात्मक मतभेदों की चर्चा रही है। कांग्रेस ने सितंबर की शुरुआत में सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया था। उन्होंने भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
नशा, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर फोकस
यूथ कांग्रेस को पंजाब के युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय होने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें नशे की समस्या, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।
पार्टी की ओर से जमीनी स्तर पर इन मुद्दों को उठाने और लोगों से सीधे संवाद बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। पंजाब यूथ कांग्रेस ने भी आने वाले दिनों में अपनी गतिविधियां तेज करने की बात कही है।
सोशल मीडिया के साथ ग्राउंड कनेक्ट पर जोर
बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि केवल सोशल मीडिया पर सक्रियता पर्याप्त नहीं है। पार्टी के युवा नेताओं को लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
यानी कांग्रेस की रणनीति में सोशल मीडिया के साथ-साथ बूथ स्तर के संगठन और प्रत्यक्ष जनसंपर्क को भी महत्व दिया जा रहा है।
पंजाब में 2027 चुनाव की तैयारी तेज
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों के बीच संगठनात्मक स्तर पर बदलाव और बैठकों का सिलसिला तेज किया है। सचिन पायलट को पंजाब प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्होंने प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की है।
12 सितंबर को पायलट ने कहा था कि कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव में सामूहिक नेतृत्व के साथ उतरेगी और पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा पहले से घोषित नहीं किया जाएगा। यह उनका सार्वजनिक रूप से बताया गया चुनावी रुख है।
अब यूथ कांग्रेस के साथ हुई बैठक के बाद पार्टी का फोकस 117 विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी संगठन और युवा कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर दिखाई दे रहा है।



























