
मुंबई: महाराष्ट्र के घाटकोपर ईस्ट से BJP विधायक पराग शाह इन दिनों अपने एक अनोखे अनुभव को लेकर चर्चा में हैं। महाराष्ट्र के सबसे अमीर नेताओं में शामिल शाह ने कुछ घंटों के लिए अपनी गाड़ी, सुरक्षा और महंगे सामान छोड़कर भिखारी का रूप धारण किया और मुंबई के घाटकोपर की सड़कों पर लोगों से मदद मांगी।
खास बात यह रही कि भेष इतना बदला हुआ था कि उनके अपने सुरक्षा गार्ड और परिवार के सदस्य भी उन्हें पहचान नहीं पाए। रिपोर्ट के मुताबिक, जब शाह अपने ही ऑफिस पहुंचे तो सुरक्षा गार्ड ने उन्हें पहचानने के बजाय वहां से चले जाने को कहा।
₹3,383 करोड़ की संपत्ति वाले विधायक ने क्यों बदला भेष?
पराग शाह ने यह अनुभव किसी राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक सलाह के बाद किया। रिपोर्टों के मुताबिक, जैन आध्यात्मिक गुरु नमन मुनि महाराज की सलाह पर उन्होंने यह प्रयोग किया।
7 सितंबर को करीब तीन घंटे तक शाह घाटकोपर की सड़कों पर भिखारी के वेश में घूमे। इस दौरान उन्होंने स्टेशन, सड़क और अपने विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से भोजन और मदद मांगी।
शाह ने इस अनुभव को जीवन की वास्तविकता को समझने वाला बताया। उनका कहना था कि आम तौर पर जिन लोगों के सामने लोग सम्मान से झुकते हैं, वही लोग उन्हें भिखारी के रूप में देखकर अलग व्यवहार कर रहे थे।
अपने ही सुरक्षा गार्ड ने नहीं पहचाना
इस पूरे अनुभव का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब सामने आया जब शाह अपने ही ऑफिस पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, उनका सुरक्षा गार्ड उन्हें पहचान नहीं पाया और वहां से चले जाने को कहा।
इतना ही नहीं, शाह ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य भी भेष में उन्हें पहचान नहीं सके। बाद में मेकअप हटाने के बाद उन्होंने उन्हीं जगहों पर जाकर लोगों से दोबारा मुलाकात की।
लोगों ने भिखारी समझकर दी मदद
भिखारी के रूप में शाह ने लोगों से भोजन और पैसे मांगे। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने उन्हें पैसे दिए, जबकि एक समोसा बेचने वाले ने बिना पैसे लिए उन्हें खाना दिया।
शाह ने इस अनुभव के दौरान मुंबई के लोगों की मदद करने की भावना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर दिखने वाले व्यक्ति ने भी बिना किसी सवाल के उनकी मदद की।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं पराग शाह?
पराग शाह की संपत्ति का आंकड़ा भी इस घटना को चर्चा में ला रहा है। 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में उन्होंने ₹3,383.06 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। इसी वजह से उन्हें उस चुनाव में महाराष्ट्र का सबसे अमीर उम्मीदवार बताया गया था।
पराग शाह पेशे से कारोबारी हैं और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2002 में Man Infraconstruction Ltd. की स्थापना की थी। कंपनी EPC और रियल एस्टेट डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करती है।
अब कंपनी की कमान किसके हाथ में है?
पराग शाह अब Man Infraconstruction के Chairman Emeritus & Non-Executive Director हैं, जबकि कंपनी के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर उनके बेटे मनन पी. शाह हैं। कंपनी के मौजूदा प्रबंधन रिकॉर्ड में भी यही पद दर्ज हैं।
पराग शाह का राजनीतिक सफर भी मुंबई से जुड़ा रहा है। वह घाटकोपर ईस्ट से विधायक हैं और इससे पहले BMC के कॉरपोरेटर भी रह चुके हैं।
भिखारी बनने के पीछे क्या था मकसद?
पराग शाह के मुताबिक, इस प्रयोग का मकसद कुछ समय के लिए अपनी पहचान, पैसा, सुरक्षा और सामाजिक हैसियत से दूर होकर यह समझना था कि आम लोगों और खासकर जरूरतमंदों के साथ समाज किस तरह व्यवहार करता है।
उनके इस प्रयोग का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। हालांकि, शाह ने इसे राजनीतिक स्टंट के बजाय आध्यात्मिक और व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर बताया है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पराग शाह के बताए अनुभव पर आधारित है। संपत्ति का आंकड़ा उनके 2024 विधानसभा चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्तियों का है।


























