
पंजाब के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी पहल की है। उन्होंने पटियाला जिले के घनौर क्षेत्र के गांव मंडौली में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार आधुनिक जल शोधन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया। इस परियोजना से पटियाला और आसपास के क्षेत्रों के 316 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं पर लगभग 432.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनके माध्यम से लगभग 752 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए करीब 75 हजार घरों तक साफ पानी पहुंचाने की योजना है। इससे लगभग 4.50 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
भूजल की समस्या से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कई गांवों में भूजल की गुणवत्ता खराब होने के कारण लोगों को लंबे समय से स्वच्छ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। कुछ क्षेत्रों के पानी में फ्लोराइड और अन्य हानिकारक तत्व निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नहरी पानी को आधुनिक तकनीक से शुद्ध करके घरों तक पहुंचाने से लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही भूजल पर निर्भरता भी कम होगी।
मंडौली और पबरी में बनाए गए आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
इस परियोजना के तहत मंडौली और पबरी में दो आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन संयंत्रों का उद्देश्य नहरी पानी को शुद्ध करके ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
परियोजना के लिए 752 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके अतिरिक्त गांवों में मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पाइपलाइनों को अपग्रेड किया गया है।
पानी की गुणवत्ता पर रहेगी लगातार नजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। पानी की आपूर्ति से पहले और बाद में नमूनों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा संयंत्रों और पानी की टंकियों में SCADA तकनीक लगाई गई है। इसकी मदद से पानी के प्रवाह, भंडारण और आपूर्ति की निगरानी की जा सकेगी।
2049 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार परियोजना
सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं की योजना वर्ष 2049 तक क्षेत्र की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित कंपनी को 10 वर्षों के लिए दी गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में जिन बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी हुई, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
बड़े शहरों में भी स्वच्छ पानी पहुंचाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला जैसे प्रमुख शहरों में भी सतही जल आधारित पेयजल परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य लाखों शहरी निवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना और भूजल पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
पंजाब सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी तथा आने वाले वर्षों में पानी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।



























