
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की है। गुरप्रीत कौर ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी को बचाने के लिए पैसे मांगने से जुड़े कथित आरोप लगाए गए, जिन्हें उन्होंने झूठा और आधारहीन बताया है।
गुरप्रीत कौर ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत
गुरप्रीत कौर की शिकायत के मुताबिक, 1 सितंबर को बिक्रम मजीठिया ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक बयान दिए थे। शिकायत में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक रिश्तेदार के माध्यम से राज्य की मशीनरी को प्रभावित करने और दुष्कर्म के एक आरोपी को बचाने के लिए पैसों की मांग की।
उन्होंने अपनी शिकायत में इन आरोपों को “सनसनीखेज, मनगढ़ंत और पूरी तरह आधारहीन” बताया है।
शिकायत के अनुसार, कथित आरोपों के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और CCTV फुटेज का भी हवाला दिया गया था। गुरप्रीत कौर का कहना है कि इन सामग्री को उनके और उनके करीबियों के खिलाफ इस्तेमाल किया गया और इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
किन धाराओं के तहत शिकायत?
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरप्रीत कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 210 और 222 के तहत शिकायत दायर की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 के तहत आपराधिक मानहानि का आरोप लगाया गया है।
गुरप्रीत कौर ने शिकायत में कहा है कि इन कथित आरोपों से उनकी व्यक्तिगत पहचान, छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
पहले ही कोर्ट दे चुकी है अंतरिम आदेश
इस विवाद में इससे पहले भी चंडीगढ़ की अदालत में मामला पहुंच चुका है। 10 सितंबर को अदालत ने रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह, बिक्रम मजीठिया और सुखपाल खैरा को गुरप्रीत कौर से संबंधित कथित रिश्वत मांग के मामले में अपुष्ट मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से अस्थायी रूप से रोक दिया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि उस समय उपलब्ध पोस्ट, वीडियो और तस्वीरें किसी अन्य ठोस प्रमाण से समर्थित नजर नहीं आ रही थीं। हालांकि, अदालत ने उस चरण पर पहले से प्रकाशित सामग्री को हटाने या डिलीट करने का आदेश नहीं दिया था और इस संबंध में दूसरे पक्ष को सुनना जरूरी बताया था।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद उन आरोपों के बाद सामने आया जिसमें गुरप्रीत कौर पर कथित तौर पर एक दुष्कर्म मामले को प्रभावित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग करने का आरोप लगाया गया था। गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को खारिज किया है।
इससे पहले एक व्यक्ति सिमरनजीत सिंह हुंदल ने भी वीडियो जारी कर कहा था कि उसने गुरप्रीत कौर से मुलाकात नहीं की और न ही उन्हें कोई रिश्वत देने की पेशकश की थी। हालांकि, इस पूरे मामले से जुड़े आरोपों और दावों पर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आए हैं।
अब कोर्ट में होगी आगे की सुनवाई
अब गुरप्रीत कौर की ओर से दाखिल आपराधिक मानहानि शिकायत पर अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
फिलहाल, गुरप्रीत कौर ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है, जबकि जिन नेताओं के खिलाफ शिकायत की गई है, उनके आरोपों और उनके कानूनी पक्ष पर आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।




















