
मुंबई: दिशा सालियान केस में कानूनी कार्रवाई के बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ के मानहानि नोटिस भेजे हैं। अब सतीश सालियान ने 19 सितंबर को आदित्य ठाकरे के मुंबई स्थित आवास मातोश्री जाकर नोटिस की व्यक्तिगत तामील करने की बात कही है। उनके साथ वकीलों की टीम भी मौजूद रहेगी।
19 सितंबर को मातोश्री जाएंगे सतीश सालियान
रिपोर्ट के मुताबिक, सतीश सालियान शनिवार, 19 सितंबर को शाम करीब 4 बजे अपने कानूनी प्रतिनिधियों के साथ आदित्य ठाकरे के आवास पर पहुंचेंगे। वहां वह नोटिस की हैंड डिलीवरी करने की योजना बना रहे हैं। इस संबंध में मुंबई पुलिस से पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दिशा सालियान की मौत की जांच को लेकर मामला फिर चर्चा में है और CBI ने बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस क्यों?
सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख से सार्वजनिक माफी मांगने, कथित बयानों को वापस लेने और ₹500 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की गई है। नोटिस में दोनों नेताओं के बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई है और आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी की मौत की जांच की मांग को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की गई। दोनों नेताओं को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा था?
आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान को जानने या उनसे मिलने से इनकार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने नाम को दिशा सालियान की मौत से जोड़ने की कोशिशों पर आपत्ति जताई और सतीश सालियान की ओर से की जा रही जांच की मांग को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताए जाने का आरोप लगाया। इसी के बाद मानहानि नोटिस की कार्रवाई सामने आई है।
निलेश ओझा ने आंदोलन को लेकर क्या कहा?
दिशा सालियान के परिवार की ओर से मामले में पैरवी कर रहे वकील निलेश ओझा ने कहा है कि सतीश सालियान वकीलों की टीम के साथ आदित्य ठाकरे के घर जाकर नोटिस देंगे।
ओझा ने अपने बयान में दावा किया कि उन्हें और उनकी टीम को पहले धमकियां दी गई थीं। उन्होंने कहा कि वह संविधान की कॉपी लेकर जाएंगे और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखेंगे। इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों का पक्ष अलग हो सकता है।
CJP से बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
निलेश ओझा ने अपने बयान में दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग इस मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल लोगों को मौके पर पहुंचने से रोका जा रहा है और पुलिस प्रशासन को कानून-व्यवस्था के लिए सूचित किया जा रहा है। ओझा ने अपने बयान में इस संभावित प्रदर्शन की तुलना ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन से करते हुए उससे बड़ा प्रदर्शन करने की बात कही है। यह दावा फिलहाल उनके बयान पर आधारित है।
कौन-कौन लोग नोटिस देने वाली टीम में होंगे?
ओझा के मुताबिक, सतीश सालियान के साथ सीमित संख्या में कानूनी प्रतिनिधि जाएंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट एंड हाई कोर्ट लिटिगेंट एसोसिएशन, जेन जी लॉयर्स एसोसिएशन, इंडियन लॉयर्स एंड ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट एसोसिएशन और इंडियन बार एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही है।
दिशा सालियान केस में CBI जांच भी जारी
दिशा सालियान की मौत की जांच को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने FIR दर्ज की है। FIR में कई लोगों के नाम और उनकी कथित भूमिकाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति का FIR में नाम आना अपने आप में अपराध साबित होना या दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में जांच के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में हुई थी। अब करीब छह साल बाद मामले की जांच फिर से सुर्खियों में है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इस मामले में दो समानांतर कानूनी घटनाक्रम दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ CBI दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सतीश सालियान की ओर से मानहानि नोटिस की कार्रवाई की गई है।
19 सितंबर को मातोश्री पर नोटिस की प्रस्तावित व्यक्तिगत तामील और उसके बाद संबंधित पक्षों की कानूनी प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। ₹500 करोड़ के नोटिस पर भी आगे की कानूनी प्रक्रिया सात दिन की समयसीमा पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकती है।





















