चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी की तैयारियों से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक, BJP अपने अभियान में ‘Three C’ यानी Crime, Corruption और Chitta (ड्रग्स) को प्रमुख मुद्दा बना सकती है। इसके साथ युवाओं, रोजगार, कानून-व्यवस्था और पंजाब के सामाजिक-जातीय समीकरणों पर भी फोकस किए जाने की तैयारी है।
BJP की रणनीति में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ कांग्रेस को भी निशाना बनाने वाले मुद्दे शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अंतिम चुनावी घोषणापत्र और विस्तृत कैंपेन अभी सामने नहीं आया है।
क्या है BJP का ‘Three C’ फॉर्मूला?
रिपोर्ट के मुताबिक BJP के संभावित अभियान में तीन प्रमुख मुद्दे होंगे—
- Crime यानी अपराध
- Corruption यानी भ्रष्टाचार
- Chitta यानी ड्रग्स/नशे का मुद्दा
पार्टी इन मुद्दों को पंजाब की कानून-व्यवस्था, युवाओं और रोजगार से जोड़कर उठाने की तैयारी में है। BJP नेताओं के अनुसार, नशे और रोजगार के मुद्दे युवाओं के बीच अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं।
हालांकि, इन मुद्दों पर BJP के आरोपों को राजनीतिक दावों के रूप में देखना जरूरी है। संबंधित दल और सरकार इन आरोपों पर अपना अलग पक्ष रखते रहे हैं।
युवाओं पर रहेगा खास फोकस
BJP की प्रस्तावित रणनीति में पंजाब के युवाओं को खास महत्व दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी नशे, रोजगार के अवसरों और कथित जबरन वसूली जैसे मुद्दों को लेकर अभियान चलाने की तैयारी में है।
पार्टी के अभियान में हाल के दिल्ली और पश्चिम बंगाल चुनावों से मिले अनुभवों का इस्तेमाल किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि पंजाब के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यहां अलग रणनीति की जरूरत होगी।
SC वोटर्स पर भी BJP की नजर
पंजाब में अनुसूचित जाति समुदाय की बड़ी आबादी को देखते हुए BJP अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के संभावित अभियान में जातीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसी क्रम में संत रविदास से जुड़े कार्यक्रमों और आउटरीच को भी BJP की रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
1984 के दंगों का मुद्दा भी उठाने की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, BJP कांग्रेस को घेरने के लिए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी चुनावी अभियान में उठा सकती है। इस संदर्भ में पार्टी की ओर से कांग्रेस के पूर्व नेता जगदीश टाइटलर का उल्लेख किया जा रहा है।
दूसरी ओर, BJP की ओर से AAP सरकार को कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर घेरने की तैयारी की बात सामने आई है।
AAP और खालिस्तान समर्थक तत्वों के बीच संबंधों को लेकर BJP नेताओं की ओर से आरोप भी लगाए गए हैं। ये राजनीतिक आरोप हैं, और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
अमित शाह की भूमिका भी अहम
BJP की पंजाब रणनीति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी सितंबर के दूसरे हिस्से में नशे के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में है और अमित शाह के पंजाब पहुंचने की संभावना भी बताई गई है।
BJP ने ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का भी ऐलान किया है। यह अभियान 18 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलने वाला है और पार्टी के मुताबिक चार यात्राएं पंजाब की 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेंगी।
2022 में BJP के पास थीं सिर्फ 2 सीटें
पंजाब की 2027 की चुनावी राजनीति को समझने के लिए 2022 के विधानसभा चुनाव के आंकड़े अहम हैं। 117 सीटों वाली विधानसभा में 2022 में:
- AAP — 92 सीटें
- कांग्रेस — 18 सीटें
- SAD — 3 सीटें
- BJP — 2 सीटें
जीती थीं।
2022 में BJP और SAD ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इससे पहले 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर SAD ने NDA से अलग होने का फैसला किया था।
BJP-SAD गठबंधन पर क्या है ताजा स्थिति?
BJP और SAD के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चा जरूर चल रही है। सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद भी इस तरह की अटकलें तेज हुई थीं।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण ताजा अपडेट है। 14 सितंबर 2026 को BJP के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने कहा कि BJP पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। इसलिए फिलहाल BJP-SAD गठबंधन को पक्का कहना सही नहीं होगा।
कांग्रेस और AAP का मुकाबला भी अहम
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने हाल ही में 2027 के चुनाव को कांग्रेस और AAP के बीच मुकाबले के तौर पर पेश किया है और कहा है कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। यह कांग्रेस का राजनीतिक आकलन है, न कि चुनाव का स्थापित परिणाम।
इस बीच BJP अपनी संगठनात्मक मौजूदगी बढ़ाने और नए मुद्दों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दे रही है।
अब आगे क्या?
पंजाब चुनाव 2027 के लिए BJP की रणनीति में फिलहाल अपराध, भ्रष्टाचार, नशा, युवा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और सामाजिक समीकरण प्रमुख मुद्दों के तौर पर सामने आ रहे हैं। पार्टी का औपचारिक चुनावी अभियान और घोषणापत्र आने के बाद उसकी रणनीति की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होगी।
साथ ही BJP-SAD गठबंधन को लेकर भी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि हाल की BJP घोषणा में पार्टी ने 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है।






















