
फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल लियोनल मेसी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया है। 39 साल के मेसी ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश साझा करते हुए इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान किया।
मेसी का अर्जेंटीना के साथ आखिरी मुकाबला FIFA World Cup 2026 का फाइनल रहा, जहां अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था। 19 जुलाई को खेले गए इस फाइनल में स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम में फेरान टोरेस के गोल की मदद से खिताब अपने नाम किया।
भावुक पोस्ट में मेसी ने क्या कहा?
अर्जेंटीना के कप्तान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि राष्ट्रीय टीम से दूर होने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने लिखा कि यह ऐसा फैसला है जो उन्हें अंदर तक चोट पहुंचाता है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यही सही समय है।
मेसी ने कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी के लिए हमेशा अपना सब कुछ दिया। उनके मुताबिक, सिर्फ उस दौर में नहीं जब टीम ने बड़े खिताब जीते, बल्कि मुश्किल समय में भी उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए पूरी ताकत से संघर्ष किया।
उन्होंने यह भी कहा कि अब टीम में कई युवा और शानदार खिलाड़ी आ रहे हैं, जो अर्जेंटीना की जर्सी पहनने के हकदार हैं। मेसी ने संकेत दिया कि वह अब मैदान के अंदर से नहीं बल्कि बाहर से अपनी टीम को सपोर्ट करेंगे।https://www.instagram.com/p/DctWzhYxElg/?utm_source=ig_embed&ig_rid=AZXV9U-8vvs1_q3CI3SDHwI
वर्ल्ड कप फाइनल बना मेसी का आखिरी इंटरनेशनल मैच
लियोनल मेसी ने 2026 FIFA World Cup में अर्जेंटीना की कप्तानी की और टीम को लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि, खिताबी मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया। इस हार के साथ मेसी का छठा विश्व कप अभियान भी समाप्त हो गया और अब यही मुकाबला अर्जेंटीना की जर्सी में उनका आखिरी मैच बन गया।
पिता के निधन के बाद और मजबूत हुआ फैसला
मेसी के इस फैसले के पीछे उनके पिता जॉर्ज मेसी का निधन भी एक अहम वजह माना जा रहा है। अगस्त में पिता के निधन के बाद मेसी ने अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेसी ने विश्व कप फाइनल के कुछ ही दिनों बाद संन्यास को लेकर अपना संदेश लिख लिया था। हालांकि, उन्होंने इसे सार्वजनिक करने में समय लिया। पिता के निधन के बाद राष्ट्रीय टीम के साथ अपना सफर जारी रखने को लेकर उनके मन में मौजूद सवाल और गहरे हो गए।
207 मैच और 125 गोल, रिकॉर्ड्स से भरा रहा करियर
अर्जेंटीना के लिए लियोनल मेसी का अंतरराष्ट्रीय करियर रिकॉर्ड से भरा रहा। उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए 207 मैच खेले और 125 गोल किए, जो दोनों ही अर्जेंटीना के लिए रिकॉर्ड हैं।
मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना के सीनियर टीम करियर की शुरुआत की थी। दो दशक से ज्यादा लंबे सफर में उन्होंने कई बड़े खिताब अपने नाम किए।
मेसी की बड़ी उपलब्धियां
- FIFA World Cup 2022: अर्जेंटीना को 36 साल बाद विश्व कप चैंपियन बनाया।
- Copa América 2021: अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका का खिताब दिलाया।
- Copa América 2024: लगातार दूसरी बड़ी कोपा अमेरिका ट्रॉफी जीतने में अहम भूमिका निभाई।
- 2026 FIFA World Cup: अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाया और टूर्नामेंट के बाद सिल्वर बॉल हासिल की।
- 207 इंटरनेशनल मैच: अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी।
- 125 इंटरनेशनल गोल: अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी।
- 34 FIFA World Cup मैच: 2026 विश्व कप के बाद मेसी के नाम विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ।
इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास, लेकिन क्लब फुटबॉल जारी रहेगा
लियोनल मेसी ने भले ही अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम को अलविदा कह दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनका फुटबॉल करियर खत्म हो गया है।
मेसी फिलहाल इंटर मियामी के लिए क्लब फुटबॉल खेल रहे हैं। उनका क्लब के साथ अनुबंध 2028 सीजन के अंत तक है। यानी फैंस को अभी भी मेसी को क्लब स्तर पर खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा।
एक युग का हुआ अंत
लियोनल मेसी का अर्जेंटीना के साथ सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। शुरुआती दौर में उन पर राष्ट्रीय टीम के लिए खिताब नहीं जीत पाने को लेकर सवाल उठे, लेकिन 2021 में कोपा अमेरिका जीतने के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई।
इसके बाद 2022 में विश्व कप ट्रॉफी और 2024 में एक और कोपा अमेरिका खिताब ने मेसी को अर्जेंटीना के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।
अब 207 मैच और 125 गोल के बाद मेसी ने राष्ट्रीय टीम को अलविदा कह दिया है। उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच भी उसी टीम के खिलाफ रहा, जिसने अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल में हराया। एक शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का इससे ज्यादा भावुक अंत शायद ही हो सकता था।


























