पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल और BJP के संभावित गठबंधन को लेकर भले ही तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र चुनाव में दोनों दलों से जुड़े छात्र संगठनों ने साथ आने का फैसला किया है। इस घटनाक्रम ने पीयू कैंपस की राजनीति को दिलचस्प बना दिया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल के चुनाव के लिए आज वोटिंग हो रही है। मतदान से ठीक एक दिन पहले BJP से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और अकाली दल समर्थित स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) ने गठबंधन का ऐलान किया।
समझौते के तहत SOI ने ABVP के उम्मीदवारों को समर्थन देने और अपने समर्थकों से उनके पक्ष में मतदान करने की अपील की है।
SOI ने क्यों किया ABVP का समर्थन?
दरअसल, SOI के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का नामांकन योग्यता से जुड़े विवाद के चलते रद्द कर दिया गया था। इसके बाद संगठन अध्यक्ष पद की सीधी दौड़ से बाहर हो गया।
ऐसे में SOI ने ABVP के उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया। कैंपस में SOI का अपना संगठनात्मक आधार और समर्थकों की संख्या है। इसलिए आखिरी समय पर मिला यह समर्थन ABVP के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या ABVP को मिलेगा गठबंधन का फायदा?
अध्यक्ष पद के मुकाबले को पहले से ही कड़ा माना जा रहा है। ऐसे में SOI का समर्थन ABVP के चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है।
SOI ने अपने समर्थकों से ABVP के पक्ष में वोट करने की अपील की है। अब सवाल यह है कि क्या दोनों संगठनों का यह साथ ABVP को जीत दिलाने में कामयाब होगा या नहीं।
आज सामने आएगा चुनावी नतीजा
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। मतदान खत्म होने के बाद होने वाली मतगणना में यह साफ हो जाएगा कि SOI और ABVP का यह आखिरी समय का गठजोड़ कितना असरदार रहा।
दिलचस्प बात यह है कि कैंपस में बने इस समीकरण को पंजाब की बड़ी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अकाली दल और BJP के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों दलों से जुड़े छात्र संगठनों का एक मंच पर आना निश्चित तौर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।






















