Home Crime IIT Bombay Student Suicide: संस्थान ने मांगी माफी, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की...

IIT Bombay Student Suicide: संस्थान ने मांगी माफी, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की डीनशिप सस्पेंड

147
0
IIT Bombay student Sahil Wakode suicide case and student protest
साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT Bombay कैंपस में छात्रों का विरोध प्रदर्शन।

IIT Bombay में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन और विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में संस्थान ने अपने पहले दिए गए संचार पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। साथ ही प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है। संस्थान ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कार्रवाई फिलहाल डीनशिप/प्रशासनिक पद से जुड़ी है। इसे प्रोफेसर पद से निलंबन के रूप में नहीं बताया गया है।

साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में प्रदर्शन

IIT Bombay के Energy Science and Engineering विभाग के सेकंड ईयर BTech छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के मुताबिक घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र संस्थान के मुख्य गेट पर जुटे और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सहित कई मांगें रखीं।

साहिल के परिवार ने संस्थान में कथित जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं, IIT Bombay ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।

परीक्षा और ChatGPT को लेकर क्या सामने आया?

IIT Bombay के मुताबिक, साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन रखने और कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड करने के मामले में पकड़ा गया था।

संस्थान के अनुसार, इस घटना के बाद उनसे संबंधित शिक्षकों और विभागाध्यक्ष ने बात की थी और उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उनके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। संस्थान ने यह भी कहा कि उस समय उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें संस्थागत दबाव और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस/क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है।

इन आरोपों की स्वतंत्र जांच अभी जारी है और आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

छात्रों की 18 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन की सहमति

विरोध कर रहे छात्रों ने प्रशासन के सामने 18 सूत्रीय मांगों का चार्टर रखा था। इनमें मामले की जांच, जवाबदेही, छात्र कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार से जुड़ी मांगें शामिल थीं।

रिपोर्टों के अनुसार IIT Bombay के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों के साथ लंबी बातचीत के बाद 18 सूत्रीय चार्टर पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, सभी मांगों पर तत्काल अंतिम कार्रवाई हो गई है, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा; कई मांगों पर प्रक्रिया और आगे के फैसले बाकी हैं।

प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर क्या कार्रवाई हुई?

छात्रों की मांगों में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ तत्काल कार्रवाई भी शामिल थी। इसके बाद IIT Bombay ने उनकी डीनशिप तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की घोषणा की।

डायरेक्टर शिरीष केदारे के संदेश में कहा गया कि आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।

वहीं, IIT Bombay Faculty Forum ने प्रोफेसर डूला के समर्थन में बयान जारी किया है। फोरम का कहना है कि वह परीक्षा के दौरान संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।

IIT Bombay ने पहले दिए बयान पर मांगी माफी

संस्थान ने साहिल की मौत से जुड़े अपने पहले के संचार पर भी खेद जताया है। IIT Bombay ने माना कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़ी कुछ जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं था और इसके लिए माफी मांगी।

IIT Bombay डायरेक्टर के इस्तीफे की बात भी सामने आई

विरोध के बीच IIT Bombay के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वह इस्तीफा देंगे, लेकिन इसके लिए संस्थागत प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस मुद्दे पर संस्थान के बोर्ड की बैठक भी बुलाई गई है।

हॉस्टल में सीलिंग फैन बदलने की तैयारी

कैंपस में छात्रों की सुरक्षा को लेकर हॉस्टल के कमरों में लगे सीलिंग फैन को हटाकर दीवार पर लगाए जाने वाले फैन लगाने की योजना भी सामने आई है। हालांकि, Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने कहा है कि यह फैसला पहले ही लिया गया था और इसे सीधे मौजूदा घटनाओं से जोड़ना उचित नहीं है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े आरोपों, संस्थान की प्रक्रियाओं और परिवार द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों की जांच अभी जारी है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी दावों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here