
आजकल खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि, बढ़ता वजन और बिगड़ती जीवनशैली के कारण फैटी लिवर की समस्या आम होती जा रही है। कई बार शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए शरीर में होने वाले कुछ बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, सिर्फ घर पर कमर या गर्दन की साइज नापकर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
पुणे स्थित इनामदार हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉ. शालिनी सालुंखे के अनुसार, शरीर में बढ़ती पेट की चर्बी, कमर का बढ़ना और ब्लड शुगर में बदलाव जैसे संकेत मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों की ओर इशारा कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते जांच कराना जरूरी है।
कमर की बढ़ती साइज हो सकती है संकेत
पेट के आसपास अधिक चर्बी जमा होना शरीर में मेटाबॉलिक समस्याओं के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है। पुरुषों में करीब 40 इंच और महिलाओं में करीब 35 इंच से अधिक कमर की साइज को जोखिम का संकेत माना जा सकता है। हालांकि, केवल कमर की साइज के आधार पर यह कहना सही नहीं है कि व्यक्ति को फैटी लिवर है।
फास्टिंग ब्लड शुगर पर रखें नजर
अगर फास्टिंग ब्लड शुगर लगातार सामान्य से अधिक आ रहा है, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस या अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की उचित जांच कराना जरूरी है। सिर्फ खाने के बाद शुगर सामान्य आने से फैटी लिवर की संभावना खत्म नहीं होती।
वजन सामान्य, फिर भी बढ़ रहा है पेट?
कई लोगों का कुल वजन ज्यादा नहीं बढ़ता, लेकिन पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पेट की अतिरिक्त चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसे जोखिमों से जुड़ी हो सकती है, जिनका फैटी लिवर से भी संबंध है।
गर्दन की साइज भी दे सकती है जोखिम का संकेत
गर्दन के आसपास अधिक चर्बी होना भी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़ा हो सकता है। कुछ अध्ययनों में गर्दन की परिधि और फैटी लिवर के बीच संबंध देखा गया है। लेकिन गर्दन की साइज को भी फैटी लिवर की डायग्नोसिस का अकेला आधार नहीं माना जा सकता।
फैटी लिवर की पुष्टि कैसे होती है?
घर पर कमर, गर्दन या ब्लड शुगर देखकर फैटी लिवर की निश्चित पुष्टि नहीं की जा सकती। अगर आपको फैटी लिवर का संदेह है, तो डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार कुछ जांच की सलाह दे सकते हैं, जैसे:
- Liver Function Test (LFT)
- Abdominal Ultrasound
- Blood Sugar / HbA1c
- Lipid Profile
- जरूरत पड़ने पर अन्य लिवर संबंधी जांच
अल्ट्रासाउंड से लिवर में जमा अतिरिक्त फैट का पता लगाने में मदद मिल सकती है। कुछ मामलों में डॉक्टर लिवर की स्थिति और फाइब्रोसिस के जोखिम का आकलन करने के लिए अन्य जांच भी करा सकते हैं।
फैटी लिवर से बचने के लिए क्या करें?
स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, ज्यादा शुगर और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से बचना और संतुलित डाइट लेना लिवर की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। अगर आपको डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर जैसी मेटाबॉलिक समस्याएं हैं, तो नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
जरूरी बात
कमर या गर्दन की साइज और ब्लड शुगर केवल जोखिम के संकेत हो सकते हैं, फैटी लिवर की पक्की जांच नहीं। अगर आपको लगातार पेट की चर्बी बढ़ने, शुगर बढ़ने या लिवर से जुड़ी समस्या का संदेह है, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर उचित जांच कराएं।

























