साल 1984 की सिख विरोधी हिंसा के जख्म आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं। इसकी एक झलक बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की ‘जख्म 84 दे’ प्रदर्शनी में देखने को मिली। हिंसा से जुड़ी तस्वीरों और दर्दनाक घटनाओं को देखकर एक महिला इतनी भावुक हो गईं कि मंच पर ही उनके आंसू छलक पड़े। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच माहौल बेहद गंभीर हो गया।
भाजपा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 1984 की हिंसा से जुड़ी तस्वीरों और घटनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से सामने रखा गया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उस दौर की त्रासदी, पीड़ित परिवारों के संघर्ष और न्याय के लिए चली लंबी लड़ाई से परिचित कराना बताया गया।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से किए सवाल
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने 1984 की हिंसा को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि इतने वर्षों बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के सवालों का जवाब कौन देगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि हिंसा से प्रभावित परिवार आज भी न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
पीड़ितों और गवाहों ने साझा किए अनुभव
‘जख्म 84 दे’ कार्यक्रम में हिंसा के पीड़ितों, प्रत्यक्षदर्शियों, कानूनी विशेषज्ञों और राजनीतिक नेताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 1984 की घटनाओं, जांच में कथित कमियों, दोषियों को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई और पीड़ित परिवारों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस दौरान उन लोगों के अनुभव भी सामने रखे गए, जिन्होंने वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष किया। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुख्य संबोधन दिया। वह 1984 की हिंसा से जुड़े मामलों में पीड़ितों की ओर से अदालतों में पैरवी भी कर चुके हैं।
पंजाब की राजनीति में फिर गरमाया 1984 का मुद्दा
यह आयोजन ऐसे समय हुआ, जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज हो रही हैं। एक ओर राहुल गांधी संगरूर में कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ के जरिए पार्टी के अभियान को धार देने पहुंचे, वहीं भाजपा ने चंडीगढ़ में 1984 की हिंसा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर कार्यक्रम आयोजित किया।
दोनों दलों के कार्यक्रमों ने पंजाब की राजनीति में 1984 के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।




























