पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के युवाओं को दिवाली का तोहफा देते हुए 801 नवनियुक्त उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। मोहाली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक 71,777 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि सभी भर्तियां बिना किसी रिश्वत, सिफारिश या भेदभाव के योग्यता के आधार पर की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी मिलने से 801 परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और आर्थिक स्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और उनके परिवारों के सपनों का सम्मान है।
बिना पैसे और सिफारिश के मिल रही सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी नौकरियों में पैसे और राजनीतिक सिफारिशों के आरोप लगते रहे हैं। उनके मुताबिक, वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है और युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा कि वे भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का एक भी ठोस मामला सामने लाकर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान किसी भी उम्मीदवार को नौकरी पाने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ी।
अगले सप्ताह 600 और युवाओं को मिलेगी नौकरी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह लगभग 600 अन्य युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि युवाओं को राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
71,777 नियुक्तियों का आंकड़ा पार करने का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 801 नई नियुक्तियों के साथ उनकी सरकार के कार्यकाल में सरकारी नौकरियां पाने वाले युवाओं की कुल संख्या 71,777 हो गई है।
उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से न केवल युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की उम्मीद मिली है।
मान ने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएं तथा आम लोगों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाएं।
युवाओं को IAS और IPS बनने के लिए किया प्रेरित
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं की तैयारी करके आईएएस और आईपीएस जैसे बड़े पदों तक पहुंचने का सपना भी देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ऐसे अवसर उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही है, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी देश के बड़े प्रशासनिक पदों पर पहुंच सकें।
शिक्षा में पंजाब को नंबर वन बनाने का दावा
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए हैं। उनके अनुसार, पंजाब स्कूल शिक्षा के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंचा है और केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ चुका है।
उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के साथ-साथ राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
नहरी पानी और कृषि व्यवस्था में भी सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने रोजगार के साथ-साथ कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नहरों के माध्यम से लगभग 18,000 क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंच रहा है।
मान के अनुसार, नहरी सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से कई क्षेत्रों में भूजल पर निर्भरता कम करने और जलस्तर में सुधार लाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के साथ पंजाब के जल संसाधनों को सुरक्षित रखना है।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खेलों के क्षेत्र में एक साथ काम कर रही है। खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि युवा अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों में लगा सकें और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को रोजगार, शिक्षा, खेल और विकास के क्षेत्र में आगे ले जाकर फिर से खुशहाल बनाना है।




























