फ्रांस में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक रिपोर्ट ने आंदोलन से जुड़े संगठनों के नेटवर्क पर सवाल उठाए हैं। Fox News Digital की 9 अक्टूबर की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि शिक्षा और स्कूलों से जुड़ी शिकायतों से शुरू हुए प्रदर्शनों को कई कम्युनिस्ट, समाजवादी और अन्य वामपंथी संगठन व्यापक राजनीतिक मुद्दों से जोड़ रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उसके विश्लेषण में 50 संगठनों की पहचान की गई थी। इनमें छात्र और युवा संगठनों के अलावा श्रमिक संघ, राजनीतिक दल, कम्युनिस्ट-सोशलिस्ट संगठन और अन्य advocacy groups शामिल बताए गए। रिपोर्ट ने इन नेटवर्कों की मौजूदगी फ्रांस से आगे अमेरिका, ब्रिटेन, ग्रीस, ब्राजील और भारत तक होने का दावा किया।
सिर्फ छात्र संगठन नहीं, दूसरे समूहों का भी जिक्र
रिपोर्ट के मुताबिक, पहचाने गए 50 संगठनों में करीब 15 छात्र या युवा समूह थे, जबकि बाकी संगठनों में श्रमिक संघ, राजनीतिक संगठन और विभिन्न वैचारिक समूह शामिल थे।
Fox News Digital का आरोप है कि इन समूहों में से कुछ ने प्रदर्शनकारियों को लामबंद करने, हड़तालों के समर्थन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनों को प्रचारित करने में भूमिका निभाई। हालांकि, यह Fox News की जांच में लगाए गए दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सभी संगठनों की भूमिका का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
भारत से जुड़ा संगठन भी रिपोर्ट में
रिपोर्ट में Indian Alliance Paris का भी उल्लेख किया गया है। Fox News के अनुसार, यह फ्रांस में छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों से जुड़ा संगठन है।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि संगठन ने सोशल मीडिया पर फ्रांस और भारत के युवा आंदोलनों के बीच एकजुटता दिखाने वाली पोस्ट साझा की थीं। इनमें फ्रांस और भारत के युवाओं के समर्थन में संदेश का भी उल्लेख किया गया है।
BreakThrough News का भी जिक्र
Fox News Digital की रिपोर्ट में न्यूयॉर्क स्थित BreakThrough News का नाम भी आया है। रिपोर्ट का दावा है कि इस मीडिया प्लेटफॉर्म ने फ्रांस में हुए प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच हुई झड़पों की कवरेज की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को amplify किया।
अमेरिकी अधिकारियों की टिप्पणी
फ्रांस में जारी अशांति को लेकर अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी बयान सामने आए हैं। अमेरिका के अधिकारियों ने राजनीतिक हिंसा और सीमापार सक्रिय नेटवर्क को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, किसी प्रदर्शन के पीछे किसी खास संगठन की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय करना अलग विषय है और उसके लिए स्वतंत्र जांच व प्रमाण जरूरी होंगे।
फ्रांस में विरोध की शुरुआत कैसे हुई?
फ्रांस में छात्र प्रदर्शनों की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों, स्कूलों में संसाधनों की कमी और शिक्षकों से संबंधित मुद्दों को लेकर हुई थी। बाद में आंदोलन में अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समूहों की भागीदारी बढ़ने का दावा किया गया।




























