पंजाब के चर्चित परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान किया है। यह निर्णय झोटा के परिवार की ओर से लगातार की जा रही CBI जांच की मांग के बाद सामने आया है।
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब के कई हिस्सों में विरोध देखने को मिला था। किसान और मजदूर संगठनों ने भी घटना के विरोध में पंजाब बंद का आह्वान किया था। परिवार और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की थी।
परिवार की मांग पर सरकार का फैसला
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ खड़ी है।
मान के मुताबिक, परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए मामला CBI को सौंपा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार सख्त कदम उठाती रहेगी और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
13 अक्टूबर को हुई थी परमिंदर सिंह झोटा की हत्या
मानसा जिले के रहने वाले परमिंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान से जुड़े हुए थे। आरोप है कि 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें गोली मार दी थी।
गोली लगने के बाद झोटा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में रोष फैल गया।
विरोध के बाद बढ़ा था दबाव
झोटा की हत्या के विरोध में किसान और मजदूर संगठनों ने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
मृतक के पिता भीम सिंह ने भी मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग रखी थी।
राजस्थान से पकड़ा गया कथित मुख्य आरोपी
मामले में पंजाब और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कथित मुख्य शूटर को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी सालासर बालाजी मंदिर के पास श्रीगंगानगर धर्मशाला में भेष बदलकर छिपा हुआ था।
अब पंजाब सरकार द्वारा जांच CBI को सौंपने के ऐलान के बाद इस मामले की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी। CBI की ओर से औपचारिक रूप से जांच संभाले जाने की प्रक्रिया की पुष्टि होना बाकी है।




























