अजमेर महिला जेल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने जेलर दिव्या चौधरी को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने जेल में बंद महिला कैदियों को निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन किए बिना जेल से बाहर ले जाने की व्यवस्था की।
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि बाहर ले जाई गई महिला बंदियों से कथित तौर पर जेलर के अजमेर स्थित फ्लैट की सफाई करवाई जाती थी। इस मामले में दो महिला कैदियों के बयान पुलिस जांच का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं।
12 जुलाई की घटना से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, पूरा मामला 12 जुलाई 2026 का है। आरोप है कि दिव्या चौधरी ने जेल प्रहरी सोनिया के साथ मिलकर महिला बंदियों को जेल परिसर से बाहर ले जाने की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि बंदियों को बाहर ले जाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
दो महिला बंदियों के बयान से खुला मामला
जांच के दौरान दो महिला बंदियों के बयान लिए गए। उनके अनुसार, उन्हें एक से अधिक बार जेल से बाहर ले जाया गया था।
इनमें किरण नाम की एक महिला कैदी भी शामिल बताई गई है, जो आजीवन कारावास की सजा काट रही है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
मुख्य प्रहरी ने दर्ज कराया मुकदमा
मामले में जेल के मुख्य प्रहरी महिपाल ने 5 अगस्त 2026 को दिव्या चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। आरोप है कि उन्होंने नियमों के खिलाफ कैदियों को बाहर ले जाने का विरोध किया था और इसके बाद उन्हें धमकी भी दी गई।
मामला सामने आने के बाद जेलर को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद जांच पुलिस को सौंप दी गई।
कोटा से हुई गिरफ्तारी
पुलिस उपाधीक्षक शिवम चौधरी के अनुसार, पुलिस ने बुधवार को दिव्या चौधरी को कोटा से गिरफ्तार किया। मामले में जेल प्रहरी सोनिया का नाम भी सामने आया है, लेकिन वह फिलहाल फरार बताई जा रही हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला बंदियों को किन परिस्थितियों में जेल से बाहर ले जाया गया और इस पूरी व्यवस्था में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।


























