Home India GMADA ED Raid: कई IAS अधिकारी जांच के घेरे में, राजीव गुप्ता...

GMADA ED Raid: कई IAS अधिकारी जांच के घेरे में, राजीव गुप्ता और विकास गर्ग के ठिकानों पर ED की रेड

2
0
GMADA कार्यालय पर ED की छापेमारी और IAS अधिकारियों से जुड़ी जांच
GMADA से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में ED ने कई ठिकानों पर तलाशी की।

मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने GMADA कार्यालय समेत पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली में कई ठिकानों पर तलाशी और सर्वे की कार्रवाई की है। जांच में जमीन से जुड़े फैसलों, प्रॉपर्टी ऑक्शन, चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) और बिल्डरों को दी गई कथित वित्तीय राहत से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व GMADA चीफ एडमिनिस्ट्रेटर रहे IAS अधिकारी राजीव गुप्ता के चंडीगढ़ स्थित आवास पर भी ED ने तलाशी ली। वहीं पंजाब के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के Principal Secretary विकास गर्ग के कार्यालय से जुड़े परिसर पर भी कार्रवाई की गई।

कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ

ED की कार्रवाई के दौरान GMADA के कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की गई। रिपोर्टों के अनुसार विकास गर्ग के अलावा GMADA के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप ऋषि, लैंड एक्विजिशन कलेक्टर रोहित जिंदल, एस्टेट ऑफिसर अमन गुप्ता, एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर अमरिंदर सिंह मल्ही, एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर (फाइनेंस) राकेश पोपली और चीफ इंजीनियर अजय गर्ग से भी पूछताछ हुई।

रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों के मोबाइल फोन और कार्यालयों में मौजूद कंप्यूटर/रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। एजेंसी जमीन अधिग्रहण, CLU मंजूरी और निजी डेवलपर्स से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही है।

100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित राहत भी जांच के दायरे में

ED की जांच में Remigate से जुड़े बकाया भुगतान में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित राहत का मामला भी सामने आया है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला 2025 में GMADA की 34वीं बैठक में मंजूर हुआ था। इसी मामले में करीब 40 करोड़ रुपये के नॉन-कंस्ट्रक्शन चार्ज की मांग को उचित नहीं मानने संबंधी फाइल भी जांच में महत्वपूर्ण बताई जा रही है।

एजेंसी यह जांच कर रही है कि संबंधित फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए और उसमें अलग-अलग स्तर के अधिकारियों की क्या भूमिका थी।

ऑक्शन और बिल्डरों को दी गई राहत पर भी नजर

ED के मुताबिक जांच का संबंध GMADA की कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों से है। इनमें प्रॉपर्टी की नीलामी, External Development Charges (EDC) और बिल्डरों पर लगने वाले ब्याज में कथित राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। कार्रवाई कुछ पहले दर्ज FIRs से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की जा रही है।

ED ने दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में कई परिसरों को कार्रवाई के दायरे में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों में तलाशी वाले परिसरों की संख्या 26 और 27 बताई गई है।

मजीठिया ने सरकार पर साधा निशाना

ED की कार्रवाई के बीच शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के जरिए GMADA मामले को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए और कार्रवाई का जिक्र किया।

हालांकि, मजीठिया द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों और ED की जांच के तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है। अभी जांच जारी है और किसी अधिकारी की भूमिका या किसी कथित अनियमितता पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

जांच अभी जारी

GMADA मामले में ED की कार्रवाई अभी जारी है। एजेंसी जमीन अधिग्रहण, CLU मंजूरी, प्रॉपर्टी ऑक्शन और निजी डेवलपर्स को दी गई कथित राहत से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

महत्वपूर्ण: ED की तलाशी या पूछताछ अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में जांच पूरी होने और सक्षम अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here