
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
राहुल गांधी ने मांग की है कि जब तक अंकिता भंडारी मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालने से रोका जाए। गौतम की नियुक्ति सोमवार को सिक्किम के राज्यपाल के रूप में हुई थी।
राष्ट्रपति को क्यों लिखा पत्र?
राहुल गांधी ने अपने पत्र में अंकिता भंडारी मामले की जांच और कथित VIP एंगल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मामले में जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रपति से “अंतिम उपाय” के तौर पर अपील कर रहे हैं और संविधान के अनुच्छेद 74(1) के तहत सरकार को नियुक्ति पर पुनर्विचार की सलाह देने का आग्रह किया है।
अंकिता के परिवार के साथ खड़े हुए राहुल
इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात कर उनके विरोध प्रदर्शन में समर्थन जताया था। परिवार दुष्यंत गौतम की नियुक्ति का विरोध कर रहा है और मामले की जांच को लेकर सवाल उठा रहा है।
क्या है अंकिता भंडारी मामला?
अंकिता भंडारी की 2022 में उत्तराखंड में हत्या कर दी गई थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और बाद में अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि कथित VIP एंगल को लेकर सवाल और राजनीतिक विवाद बना रहा। इस एंगल की जांच अब CBI कर रही है।
राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।

























