साल 2027 में देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से तैयारियां तेज हो गई हैं। इन पांचों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त होना है। चुनाव आयोग की ओर से अभी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन मौजूदा तैयारियों और विधानसभा कार्यकाल की समयसीमा को देखते हुए फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है।
5 राज्यों में कब खत्म होगा विधानसभा का कार्यकाल?
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सबसे पहले मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को समाप्त होगा। इसके बाद गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 28 मार्च 2027 को खत्म होगा। सबसे बाद में उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा।
| राज्य | विधानसभा कार्यकाल समाप्त होने की तारीख |
|---|---|
| मणिपुर | 13 मार्च 2027 |
| गोवा | 14 मार्च 2027 |
| पंजाब | 16 मार्च 2027 |
| उत्तराखंड | 28 मार्च 2027 |
| उत्तर प्रदेश | 22 मई 2027 |
यही वजह है कि UP, Punjab, Uttarakhand, Goa और Manipur Election 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है।
फरवरी-मार्च में क्यों हो सकते हैं चुनाव?
विधानसभा चुनाव आम तौर पर मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले कराए जाते हैं, ताकि नई विधानसभा समय पर गठित की जा सके। पांचों राज्यों में सबसे पहले मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को समाप्त होना है। ऐसे में चुनाव आयोग के सामने पांचों राज्यों की चुनावी प्रक्रिया को उससे पहले पूरा करने की चुनौती होगी।
इसी आधार पर फरवरी से मार्च 2027 के बीच मतदान होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की वास्तविक तारीखों और चरणों का ऐलान चुनाव आयोग ही करेगा।
यूपी में कई चरणों में हो सकता है मतदान
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा चुनावी राज्य है। यहां 403 विधानसभा सीटें हैं।
ऐसे में उत्तर प्रदेश में एक से ज्यादा चरणों में मतदान होने की संभावना रहती है। हालांकि इस बार कितने चरणों में चुनाव होगा, यह चुनाव आयोग के अंतिम कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा।
यदि चुनाव फरवरी या मार्च 2027 में होते हैं तो राजनीतिक दलों के पास चुनाव प्रचार के लिए कुछ ही महीने बचेंगे। इससे यूपी के साथ-साथ पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
चुनाव से पहले जनगणना की तारीखों में बड़ा बदलाव
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले इलाकों में जनगणना के जनसंख्या-गणना चरण को आगे कर दिया है।
सरकार की 5 सितंबर 2026 की अधिसूचना के मुताबिक इन क्षेत्रों में जनसंख्या की गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण चरण रखा गया है। जनगणना की संदर्भ तारीख 5 जनवरी 2027 तय की गई है।
इससे पहले इन राज्यों में जनसंख्या गणना का चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित था। चुनावी राज्यों में इसे पहले कराने का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चुनाव और जनगणना दोनों के लिए बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की जरूरत होती है।
नवंबर से शुरू हो जाएगा सेल्फ-एन्यूमरेशन
इन चार राज्यों में नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना यानी Self-Enumeration की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके बाद घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का चरण 1 दिसंबर से शुरू होगा।
इस तरह दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 में जनगणना का काम पूरा कराने के बाद चुनावी प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक मशीनरी को अपेक्षाकृत कम टकराव का सामना करना पड़ेगा।
मणिपुर में अलग स्थिति
मणिपुर में स्थिति बाकी चार राज्यों से अलग है। सरकार ने वहां House Listing यानी घरों की सूची तैयार करने के चरण को फिलहाल टाल दिया है। मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल पांचों राज्यों में सबसे पहले, 13 मार्च 2027 को समाप्त होना है।
इस वजह से मणिपुर में जनगणना और विधानसभा चुनाव की तैयारियों का टाइमलाइन बाकी चार राज्यों से अलग रह सकता है।
SIR के बाद चुनावी तैयारियां
चुनाव वाले राज्यों में मतदाता सूची से जुड़ी Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया भी चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सत्यापन के बाद चुनाव आयोग के सामने अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया रहेगी।
यही वजह है कि जनगणना, मतदाता सूची और चुनाव कार्यक्रम—तीनों की समयसीमा 2027 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गई है।
2027 विधानसभा चुनाव का संभावित टाइमलाइन
नवंबर 2026:
स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू
1 दिसंबर 2026:
यूपी, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना शुरू
4 जनवरी 2027:
जनसंख्या गणना का मुख्य चरण समाप्त
5-9 जनवरी 2027:
पुनरीक्षण चरण
जनवरी 2027:
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की संभावना, लेकिन यह चुनाव आयोग के निर्णय पर निर्भर करेगा
फरवरी-मार्च 2027:
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना
मार्च-मई 2027:
सभी पांच राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल समाप्त होने की समयसीमा।
नोट: फरवरी-मार्च 2027 की तारीखें अभी संभावित हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मतदान की तारीखों की पुष्टि होगी।






















