महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दवा कंपनी Cipla Pharma & Life Sciences Ltd के पुणे स्थित वडकी C&F वेयरहाउस के दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। FDA के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान दवाओं की पैकेजिंग, स्टोरेज, रिकॉर्ड-कीपिंग और एक्सपायर्ड दवाओं के प्रबंधन से जुड़ी कई कथित अनियमितताएं सामने आई थीं। अंतिम आदेश 1 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की देखरेख में हुई। मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई थी। FDA ने संशोधित कारण बताओ नोटिस जारी किया, Cipla ने अपना जवाब दाखिल किया और कंपनी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। इसके बाद लाइसेंस रद्द करने का नया आदेश जारी किया गया।
Reactin Plus की पैकेजिंग बनी कार्रवाई की बड़ी वजह
FDA की जांच में Reactin Plus Tablets को लेकर कथित लेबलिंग और प्रचार संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। यह एक Schedule H prescription medicine है, यानी इसकी बिक्री डॉक्टर की पर्ची से जुड़े नियमों के तहत होती है।
FDA के अनुसार, दवा की पैकेजिंग पर सिरदर्द, मांसपेशियों के दर्द, कमर दर्द, जोड़ों के दर्द, मोच, शरीर के दर्द और दांत दर्द जैसी समस्याओं में राहत से जुड़े दावे और प्रचार सामग्री मौजूद थी। नियामक ने इन दावों को लागू दवा कानूनों के अनुरूप नहीं माना।
FDA ने इससे पहले Reactin Plus के कथित misbranding को लेकर स्टॉक पर भी कार्रवाई की थी। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, नियामक ने करीब ₹11.19 लाख मूल्य की कथित misbranded Reactin Plus Tablets का स्टॉक जब्त किया था।
गोदाम में फर्श पर रखी मिलीं दवाएं
FDA के निरीक्षण में दवाओं के स्टोरेज से जुड़ी भी कई कमियां सामने आने की बात कही गई है।
नियामक के अनुसार, कुछ दवाएं सीधे फर्श पर रखी मिलीं और स्टॉक पर धूल जमा थी। पर्याप्त रैक और pallets की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। दवाओं के उचित भंडारण के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं होने की बात FDA ने कही।
दवा सप्लाई चेन में स्टोरेज की स्थिति महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि गलत तरीके से रखी गई दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षित वितरण को लेकर नियामकीय चिंताएं पैदा हो सकती हैं।
एक्सपायर दवाओं के लिए अलग व्यवस्था नहीं मिली
FDA ने एक्सपायर हो चुकी दवाओं के प्रबंधन को लेकर भी खामियां बताई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड दवाओं को अलग “Expiry/Not for Sale” क्षेत्र में रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। इनके निपटान से संबंधित रिकॉर्ड और Standard Operating Procedures में भी कमियां बताई गईं।
कंप्यूटर रिकॉर्ड और फिजिकल स्टॉक में अंतर
FDA ने वेयरहाउस के इन्वेंट्री रिकॉर्ड की भी जांच की। अधिकारियों के अनुसार, कंप्यूटराइज्ड/SAP रिकॉर्ड और वास्तविक फिजिकल स्टॉक के बीच अंतर पाया गया।
खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड तथा कुछ दवाओं, जिनमें एंटीबायोटिक्स भी शामिल थीं, के स्टॉक में अंतर को भी नियामक ने कार्रवाई के आधारों में शामिल किया।
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दोबारा हुई कार्रवाई
यह मामला सीधे एक ही प्रक्रिया में लाइसेंस रद्द करने तक नहीं पहुंचा। FDA की पहले की कार्रवाई के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश आए, जिसके बाद विभाग ने पिछली कार्यवाही वापस लेकर प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया।
FDA ने 4 सितंबर 2026 को संशोधित शो-कॉज नोटिस जारी किया। Cipla ने 11 सितंबर को लिखित जवाब दिया और 21 सितंबर को कंपनी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड, निरीक्षण रिपोर्ट, कंपनी के जवाब और लागू कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए 1 अक्टूबर को नया आदेश जारी किया गया।
तुकाराम मुंढे ने क्या कहा?
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि विभाग का उद्देश्य दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा पूरी सप्लाई चेन में कानूनी नियमों का पालन कराना है।
FDA के मुताबिक, कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय, पारदर्शिता, सुनवाई और तर्कसंगत निर्णय की प्रक्रिया का पालन किया गया।
Cipla ने कार्रवाई पर क्या कहा?
Cipla ने FDA के आदेश पर निराशा जताई है और कहा है कि कंपनी मामले की समीक्षा कर रही है। इससे पहले कंपनी ने अपने बयान में कहा था कि मामला न्यायिक विचाराधीन है और आदेश से उसके उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता या प्रभावशीलता से संबंधित कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
इसलिए मौजूदा स्थिति में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FDA की कार्रवाई पुणे के संबंधित C&F वेयरहाउस के लाइसेंस और नियामकीय उल्लंघनों से जुड़ी है; इसे Cipla की सभी दवाओं पर प्रतिबंध के रूप में नहीं समझना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
- कंपनी: Cipla Pharma & Life Sciences Ltd
- स्थान: वडकी, पुणे, महाराष्ट्र
- फैसला: दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द
- मुख्य दवा: Reactin Plus Tablets
- FDA की आपत्तियां: पैकेजिंग/लेबलिंग, स्टोरेज, रिकॉर्ड-कीपिंग और एक्सपायर्ड दवाओं का प्रबंधन
- अंतिम आदेश: 1 अक्टूबर 2026
- प्रक्रिया: बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद नए सिरे से कार्रवाई
- FDA कमिश्नर: तुकाराम मुंढे
- कंपनी का रुख: आदेश की समीक्षा की जा रही है।
निष्कर्ष
Cipla के पुणे वडकी C&F वेयरहाउस पर महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई दवाओं की पैकेजिंग, भंडारण और रिकॉर्ड-कीपिंग से जुड़े कथित नियामकीय उल्लंघनों के बाद हुई है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद नए सिरे से सुनवाई और प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1 अक्टूबर को लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी किया गया। कंपनी ने आदेश पर निराशा जताते हुए आगे के विकल्पों की समीक्षा की बात कही है।


























