
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में कई बदलाव सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, फाइनल दीक्षा और निर्धारित उपस्थिति को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा आश्रम में रहने वाले कुछ शिष्यों की वेशभूषा को लेकर भी नए नियम सामने आए हैं।
इन बदलावों के कारण संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और दीक्षा के लिए वृंदावन पहुंच रहे कुछ श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। आश्रम से जुड़ी ताजा रिपोर्टों में बताया गया है कि सेवादारों ने भक्तों को नई व्यवस्था की जानकारी भी दी है।
शिष्य की मौत के बाद बदली आश्रम की व्यवस्था
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव की जानकारी सामने आई। इसके बाद फाइनल दीक्षा और शिष्यों की उपस्थिति पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाए जाने की रिपोर्ट है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह बदलाव श्रीहित राधा केलि कुंज से जुड़ी व्यवस्था में किए गए हैं। आश्रम से संबंधित ताजा जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं को भी नई व्यवस्था के अनुसार ही दर्शन और अन्य गतिविधियों के लिए पहुंचना होगा।
शिष्यों के ड्रेस कोड में भी बदलाव
आश्रम के शिष्यों और साधकों की वेशभूषा को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, जो शिष्य गृहस्थ हैं या किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्हें सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आश्रम की सेवा और व्यवस्था में लगे कुछ विरक्त शिष्यों के लिए सफेद वस्त्र की व्यवस्था बताई गई है।
हालांकि, ड्रेस कोड में बदलाव को लेकर सभी रिपोर्टों में एक जैसी स्थिति नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्टों ने इसे आश्रम की ओर से जारी सूचना के आधार पर बताया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि इस संबंध में आश्रम या संबंधित ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस हिस्से को आधिकारिक अंतिम नियम मानने से पहले आश्रम की पुष्टि का इंतजार करना उचित होगा।
पीले और सफेद कपड़ों को लेकर क्या बदला?
रिपोर्टों के अनुसार, पहले कई शिष्य और साधक विशेष सफेद या पीले रंग की वेशभूषा में नजर आते थे। नई व्यवस्था के तहत सामान्य जीवन जी रहे या व्यवसाय से जुड़े शिष्यों के लिए सामान्य कपड़े पहनने की बात सामने आई है। वहीं सेवा कार्यों से जुड़े कुछ लोगों के लिए अलग वेशभूषा जारी रहने की जानकारी दी गई है।
इस बदलाव का असर आश्रम के आसपास भी दिखाई देने की रिपोर्ट है, जहां कुछ शिष्य सामान्य कपड़ों में नजर आए।
फाइनल दीक्षा और उपस्थिति पर रोक से श्रद्धालु मायूस
संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और दीक्षा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। नई व्यवस्था के कारण कुछ श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं मिल पाने और अपनी निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं कर पाने के बाद वापस लौटना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान और अयोध्या समेत अलग-अलग स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने आश्रम के बाहर नामजप किया और बाद में वापस लौटने की बात कही।
आश्रम की आधिकारिक जानकारी को लेकर क्या पता है?
श्री हित राधा केलि कुंज की आधिकारिक वेबसाइट पर आश्रम को वृंदावन स्थित प्रमुख आध्यात्मिक स्थल के रूप में बताया गया है। वेबसाइट पर दर्शन और सत्संग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
वर्तमान घटनाक्रम में फाइनल दीक्षा, उपस्थिति और वेशभूषा से जुड़े बदलावों को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग स्तर की पुष्टि सामने आई है। ऐसे में आश्रम की ओर से जारी अंतिम और स्पष्ट सूचना को ही निर्णायक माना जाना चाहिए।

























