
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह आश्रम से जुड़े परिसर की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया
घटना वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े श्री हित राधा केली कुंज आश्रम के गुरु कृपा कुंज परिसर से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, दीपक लोधी गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। घटना की जानकारी मिलने के बाद वृंदावन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्या आत्महत्या का मामला है?
पुलिस की शुरुआती जांच में चौथी मंजिल से गिरने की घटना सामने आई है और आत्महत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसे अंतिम रूप से आत्महत्या घोषित नहीं किया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और घटना के सभी संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है।
यही वजह है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दीपक ने खुद यह कदम उठाया या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी।
कौन थे दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण?
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मृतक मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम परिसर में रह रहे थे और उनका नाम रसिक दुलारी शरण बताया गया है।
दीक्षा और आश्रम में रहने की अवधि को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से होना बाकी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद वृंदावन पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले वहां क्या हुआ था और दीपक चौथी मंजिल से किन परिस्थितियों में नीचे गिरे।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
आश्रम में मचा हड़कंप
दीपक की मौत की खबर सामने आने के बाद आश्रम और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना को लेकर आश्रम से जुड़े लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे और मृतक की गतिविधियां घटना से पहले कैसी थीं।
फिलहाल आश्रम की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हत्या या आत्महत्या? दोनों एंगल से जांच
मथुरा पुलिस इस मामले को लेकर जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती। शुरुआती तौर पर आत्महत्या की आशंका सामने आई है, लेकिन पुलिस अन्य संभावनाओं को भी जांच के दायरे में रख रही है।
जांच में मुख्य रूप से यह देखा जा रहा है कि:
- दीपक चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचे?
- घटना के समय वह अकेले थे या उनके साथ कोई और मौजूद था?
- वह किन परिस्थितियों में नीचे गिरे?
- घटनास्थल पर कोई संघर्ष या अन्य संदिग्ध साक्ष्य मिले हैं या नहीं?
- पोस्टमार्टम में मौत की वास्तविक वजह क्या सामने आती है?
इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
परिवार को दी गई सूचना
पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर करेगी।
फिलहाल क्या साफ है?
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। शुरुआती जानकारी में चौथी मंजिल से गिरने की बात सामने आई है और पुलिस आत्महत्या की आशंका समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मौत की असली वजह और घटना की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।


























