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अमृतपाल सिंह की पार्टी में पूर्व ED अधिकारी की एंट्री, 2027 चुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरण

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पूर्व ED अधिकारी निरंजन सिंह और मनप्रीत सिंह अयाली वारिस पंजाब दे में शामिल होने के दौरान
पूर्व ED डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों वारिस पंजाब दे में शामिल हुए।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने संगठन में दो पूर्व अधिकारियों को शामिल किया है। पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और पंजाब पुलिस के पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों 23 सितंबर 2026 को पार्टी में शामिल हुए।

चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में दोनों को पार्टी में शामिल कराया गया। इस दौरान विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

अमृतपाल सिंह की पार्टी में पूर्व ED अधिकारी की एंट्री

निरंजन सिंह ने पार्टी में शामिल होने के बाद पंजाब में नशे की समस्या, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर अलग-अलग सरकारों की ओर से वादे किए जाते रहे हैं, लेकिन नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका।

द ट्रिब्यून के अनुसार, निरंजन सिंह ने नशे के कारोबार को लेकर राजनीतिक, पुलिस और संगठित अपराध से जुड़े कथित गठजोड़ की बात भी कही और केंद्र तथा राज्य सरकारों की भूमिका पर सवाल उठाए। ये उनके स्वयं के राजनीतिक वक्तव्य हैं।

निरंजन सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने अभी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। यानी फिलहाल उनके उम्मीदवार बनने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

मनप्रीत सिंह अयाली ने किया स्वागत

निरंजन सिंह के पार्टी में शामिल होने पर विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने उनका स्वागत किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि उनके अनुभव से संगठन को मजबूती मिल सकती है।

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, वारिस पंजाब दे 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन के विस्तार और उम्मीदवारों से जुड़ी तैयारियों पर काम कर रहा है। इंडियन एक्सप्रेस ने 25 सितंबर की रिपोर्ट में बताया कि पार्टी नए चेहरों के जरिए अपना राजनीतिक आधार व्यापक करने की कोशिश कर रही है।

ड्रग मामलों की जांच से जुड़ा रहा निरंजन सिंह का नाम

निरंजन सिंह का ED में कार्यकाल पंजाब से जुड़े कई चर्चित मामलों की जांच से जुड़ा रहा है। उन्होंने जगदीश भोला ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में भी भूमिका निभाई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, इस जांच के दौरान पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और सरवन सिंह फिल्लौर समेत कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ की गई थी। निरंजन सिंह मई 2021 में ED से सेवानिवृत्त हुए थे।

उनके कार्यकाल के दौरान जालंधर से कोलकाता तबादले का मामला भी सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बाद में इस तबादले को रद्द कर दिया था।

पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों भी पार्टी में शामिल

निरंजन सिंह के साथ पंजाब पुलिस के पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों ने भी वारिस पंजाब दे का दामन थामा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, सेखों ने भी पंजाब में नशे से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखी है। दोनों पूर्व अधिकारियों के पार्टी में शामिल होने को संगठन के विस्तार की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

2027 चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में बढ़ रही हलचल

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले वारिस पंजाब दे की राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। पार्टी के हालिया विस्तार में पूर्व राजनीतिक नेताओं और सामाजिक-पेशेवर पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों की एंट्री भी चर्चा में रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के नए चेहरों और नेतृत्व की ओर से संगठन को व्यापक राजनीतिक आधार देने पर जोर दिया जा रहा है। विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी पार्टी को संविधान के दायरे में काम करने की बात कही है।

अमृतपाल सिंह फिलहाल 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और डिब्रूगढ़ जेल में रखे गए हैं। अप्रैल 2026 में NSA के तहत उनकी हिरासत समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस ने उन्हें अजनाला मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया।

AAP, कांग्रेस, BJP और SAD के लिए क्या मायने?

निरंजन सिंह और बलविंदर सिंह सेखों जैसे पूर्व अधिकारियों का वारिस पंजाब दे में शामिल होना पंजाब के आगामी चुनावी समीकरणों में चर्चा का विषय बन गया है।

हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इस एंट्री से किसी खास राजनीतिक दल को कितना चुनावी नुकसान या फायदा होगा। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी संगठनात्मक और चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

अमृतपाल सिंह की पार्टी की ओर से नशे, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और पंजाब से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दिए जाने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर, अन्य राजनीतिक दल इन मुद्दों पर अपनी नीतियां और चुनावी अभियान सामने रखेंगे।

फिलहाल सबसे बड़ा घटनाक्रम यह है कि अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले वारिस पंजाब दे में दो पूर्व सरकारी अधिकारियों की एंट्री हुई है, जिससे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और 2027 की चुनावी तैयारियों पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

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