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DA समेत लंबित मांगों पर सरकार झुकी? पंजाब कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल, CM से होगी बैठक

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पंजाब में DA समेत मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सरकारी कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म किया
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।

चंडीगढ़: पंजाब में महंगाई भत्ता (DA) समेत अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और पंजाब सरकार के बीच मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। सरकार की ओर से 27 अगस्त को जारी उस पत्र को वापस लेने का आश्वासन दिया गया है, जिसमें आंदोलन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को लेकर कार्रवाई की बात कही गई थी।

मुख्य सचिव के साथ बैठक के बाद खत्म हुआ आंदोलन

कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बुधवार सुबह मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ बैठक हुई। करीब एक घंटे चली बैठक के बाद कर्मचारी नेताओं ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। सरकार ने कर्मचारियों को भरोसा दिया कि उनके खिलाफ इस मामले में जबरन या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। अब लंबित मांगों को लेकर आगे की बातचीत मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली बैठक में होगी।

27 अगस्त का शो-कॉज नोटिस वापस लेने का भरोसा

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 27 अगस्त को जारी सरकारी पत्र को वापस लेना शामिल था। इस पत्र में उस दिन सामूहिक छुट्टी या आंदोलन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने अब इस पत्र को वापस लेने का आश्वासन दिया है। यही मुद्दा कर्मचारियों के आंदोलन को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

11 सितंबर तक आंदोलन बढ़ाने की थी तैयारी

सरकारी कर्मचारियों ने शुरुआत में 8 सितंबर को पेन-डाउन हड़ताल की थी। इसके बाद मांगों पर सहमति नहीं बनने पर आंदोलन को 11 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया गया था। कर्मचारी संगठनों ने सामूहिक छुट्टी लेकर विरोध जारी रखने की तैयारी की थी।

हालांकि, बुधवार को मुख्य सचिव के साथ हुई बातचीत के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया।

DA समेत कई मांगों को लेकर था विरोध

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान, DA के बकाये का निपटारा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) समेत कई सेवा संबंधी मुद्दे शामिल रहे हैं। इन मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से सरकार पर दबाव बना रहे थे।

हाल ही में पंजाब सरकार ने लगभग 85,000 कर्मचारियों के DA को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन कर्मचारी संगठन लंबित DA बकाये समेत अन्य मांगों के समाधान पर जोर दे रहे थे।

हड़ताल से सरकारी दफ्तरों का काम हुआ प्रभावित

हड़ताल के दौरान पंजाब के कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ था। चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय, मिनी सचिवालय, विभिन्न डायरेक्टरेट और जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने पेन-डाउन आंदोलन में हिस्सा लिया था।

सरकार ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील भी की थी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों से बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की थी।

सरकार ने लागू किया था ‘No Work, No Pay’ नियम

हड़ताल बढ़ाए जाने के बाद पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के लिए ‘No Work, No Pay’ का रुख अपनाया था। सरकार की ओर से कहा गया था कि जो कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने यह भी कहा था कि कुछ कर्मचारियों द्वारा उपस्थिति दर्ज कराने के बाद काम के दौरान कार्यालय से अनुपस्थित रहने की शिकायतें मिली थीं।

अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होगी बैठक

फिलहाल मुख्य सचिव के साथ बातचीत के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली बैठक पर रहेगी। इसी बैठक में DA समेत कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है।

यानी फिलहाल हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन DA और दूसरी मांगों पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक के बाद स्पष्ट होगा।

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