पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने रविवार को फिरोजपुर जिले के जीरा में आयोजित एक बड़ी जनसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में AAP का दामन थामा। मुख्यमंत्री ने मंच पर उनका स्वागत किया।
गुरप्रीत सिंह सेखों के AAP में शामिल होने के साथ ही पंजाब की राजनीति में एक नई बहस भी शुरू हो गई है। उनके पुराने आपराधिक मामलों को लेकर विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाए हैं।
कौन हैं गुरप्रीत सिंह सेखों?
गुरप्रीत सिंह सेखों पंजाब के फिरोजपुर जिले के मुदकी क्षेत्र से जुड़े हैं। पिछले कुछ वर्षों में वह अपराध की दुनिया से निकलकर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सेखों के खिलाफ अलग-अलग समय में 47 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि, रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि इनमें से अधिकांश मामले निपट चुके हैं। सेखों और उनके समर्थकों का दावा है कि उन्होंने अपना पुराना जीवन पीछे छोड़ दिया है और लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
नाभा जेलब्रेक केस से रहा है कनेक्शन
गुरप्रीत सिंह सेखों का नाम सबसे ज्यादा 2016 के नाभा हाई-सिक्योरिटी जेलब्रेक मामले के कारण चर्चा में आया था।
नवंबर 2016 में हथियारबंद हमलावरों ने नाभा की हाई-सिक्योरिटी जेल पर हमला कर छह कैदियों को छुड़ा लिया था। सेखों भी उन कैदियों में शामिल थे जो जेल से भागे थे। फरवरी 2017 में उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, वह इस मामले में नवंबर 2023 से जमानत पर बाहर हैं।
उनका नाम 2015 में गैंगस्टर सुखा कहलवान की हत्या के मामले में भी सामने आया था। रिपोर्टों में सेखों के संबंध गैंगस्टर शेरा खुब्बन और विक्की गोंडर से भी बताए गए हैं।
राजनीति में कैसे हुई एंट्री?
पिछले कुछ समय से गुरप्रीत सिंह सेखों ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाई थीं। उन्होंने जीरा क्षेत्र में अपना राजनीतिक कार्यालय भी खोला था और 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ने की इच्छा जताई थी।
अब उन्होंने अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल होकर अपना राजनीतिक रुख बदल दिया है। उनके AAP में शामिल होने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि पार्टी उन्हें जीरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
भगवंत मान ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जीरा की जनसभा में गुरप्रीत सिंह सेखों का AAP में स्वागत किया। मान ने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल उसके अतीत के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए और परिस्थितियां कभी-कभी व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जा सकती हैं।
AAP ने भी सेखों के शामिल होने को लेकर कहा कि वह अपने हजारों समर्थकों के साथ पार्टी में आए हैं।
कांग्रेस और अकाली दल ने घेरा
गुरप्रीत सिंह सेखों के AAP में शामिल होने के बाद विपक्ष ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे खतरनाक मिसाल बताते हुए सवाल उठाया कि आपराधिक अतीत वाले व्यक्ति को राजनीतिक मंच देने से जनता के बीच क्या संदेश जाएगा।
शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी की ओर से भी AAP पर निशाना साधा गया है। विपक्षी दलों ने इसे पंजाब की कानून-व्यवस्था और राजनीति में अपराध के प्रभाव से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
सेखों का दावा- बदल चुकी है मेरी जिंदगी
AAP में शामिल होने के बाद गुरप्रीत सिंह सेखों ने अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ने की बात कही है। उनके समर्थकों का कहना है कि वह पिछले कुछ वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और जरूरतमंद परिवारों की मदद करते रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, उनके समर्थकों ने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद, राशन और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराने जैसे सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया है।
अब सेखों के AAP में शामिल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कदम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की रणनीति का हिस्सा है और क्या उन्हें जीरा से चुनावी मैदान में उतारा जाएगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से मिल सकता है।






















