दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को लेकर जेल से जुड़ी एक नई जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार की बैरक से जब्त किए गए मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, मोबाइल फोन अपना होने से रेवन्ना ने इनकार किया है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मोबाइल फोन और सिम कार्ड को जेल के भीतर पहुंचाने में मदद करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है।
जेल की बैरक से मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार के सिक्योरिटी डिवीजन की बैरकों में औचक तलाशी ली गई थी। इस दौरान दोषी ठहराए गए प्रज्वल रेवन्ना और विचाराधीन कैदी प्रताप राय की बैरक से प्रतिबंधित मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और एक नोटबुक बरामद की गई।
तलाशी के बाद जब्त सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मोबाइल फोन में दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पेन ड्राइव में फिल्में और वेब सीरीज मिलने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
मोबाइल अपना होने से प्रज्वल रेवन्ना का इनकार
मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान प्रज्वल रेवन्ना ने मोबाइल फोन अपना होने से इनकार किया। उसका दावा था कि दूसरे कैदी भी उस फोन का इस्तेमाल करते थे और वह बारी-बारी से उनके पास रहता था।
अधिकारी के मुताबिक, रेवन्ना ने मोबाइल में मौजूद अश्लील वीडियो डाउनलोड करने की बात से भी इनकार किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन का इस्तेमाल किस-किस व्यक्ति ने किया था और उसमें मौजूद सामग्री किसने डाउनलोड की थी।
कॉल लॉग की भी जांच कर रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल फोन के कॉल लॉग की भी जांच की गई है। अधिकारियों का दावा है कि फोन से कुछ लोगों के साथ गैरकानूनी तरीके से बातचीत की गई थी।
जांच में परिवार के सदस्यों और एक महिला परिचित को किए गए कॉल का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने संकेत दिया है कि मोबाइल फोन से संपर्क में आए लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं।
जांच एजेंसियां कॉल लॉग, मोबाइल फोन और सिम कार्ड से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा?
पुलिस के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि मोबाइल फोन को जेल के अंदर पहुंचाने में एक वार्डन की भूमिका थी, जबकि सिम कार्ड एक विचाराधीन कैदी के माध्यम से जेल के भीतर भेजा गया था।
पुलिस ने यह भी बताया कि मोबाइल फोन और सिम कार्ड की खरीद तथा उन्हें जेल तक पहुंचाने में मदद करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मामले में परप्पना अग्रहारा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब जेल के अंदर प्रतिबंधित मोबाइल फोन पहुंचाने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
आगे क्या होगा?
इस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल लॉग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद मोबाइल फोन का इस्तेमाल किन लोगों ने किया और जेल के सुरक्षा प्रबंधों को किस तरह दरकिनार किया गया।
फिलहाल, अश्लील वीडियो से जुड़े दावे जांच का हिस्सा हैं। इन दावों के आधार पर किसी व्यक्ति की अलग से आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
नोट: इस खबर में पुलिस और जांच से जुड़े अधिकारियों के दावों का उल्लेख किया गया है। प्रकाशन से पहले संबंधित पुलिस बयान, प्राथमिकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट की स्वतंत्र पुष्टि करना आवश्यक है।






















