नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि चीन भारतीय सीमा में करीब 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आया है।
रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर वास्तविक समस्या मौजूद है, लेकिन इसका कारण कई हिस्सों में सीमा का स्पष्ट सीमांकन नहीं होना है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताओं को जायज बताया, लेकिन बिना पुष्टि के चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में घुसने की खबरें फैलाने से बचने की अपील की।
60 किलोमीटर अंदर घुसने का दावा गलत
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि चीन के 60 किलोमीटर अंदर आने का दावा सही नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें साझा करने वालों को लेकर भी चिंता जताई, जिनसे इस तरह की धारणा बन रही है।
उनके मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के कुछ सीमावर्ती गांवों के लोगों ने सीमा को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। ये चिंताएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कुछ इलाकों में सीमा का औपचारिक सीमांकन अभी स्पष्ट नहीं है।
किसी भारतीय गांव पर कब्जे की बात नहीं
केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमांकन से जुड़ी स्थिति को चीन द्वारा किसी भारतीय गांव पर कब्जे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों पर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे करते हैं। भारतीय पक्ष का मानना है कि उसकी जमीन आगे तक है, जबकि सीमा के दूसरी ओर रहने वाले लोग भी कुछ क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं। इसी वजह से कुछ इलाकों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
वायरल तस्वीरों और वीडियो पर चेतावनी
रिजिजू ने कहा कि चीन के 60 किलोमीटर अंदर तक आने का दावा करते हुए गलत तस्वीरें या वीडियो शेयर करने से लोगों के बीच भ्रम पैदा होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की भ्रामक जानकारी सीमा पर तैनात सेना और सुरक्षा बलों के जवानों का मनोबल प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि संवेदनशील सीमा मुद्दे से जुड़ी किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
रिजिजू के मुताबिक, भारत ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। सेना और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) की ओर से संबंधित इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाई गई है।
अरुणाचल प्रदेश को लेकर यह चर्चा ऐसे समय तेज हुई है, जब सरकार ने राज्य की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शों में उनके मानक नामों के साथ दर्ज करने का फैसला किया है।
फिलहाल, सरकार ने 60 किलोमीटर तक चीनी घुसपैठ के वायरल दावे को गलत बताया है और सीमा से जुड़े मुद्दों पर बिना पुष्टि के जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी है।




























