अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।
आठ आरोपियों के नाम रिपोर्ट में शामिल
SIT की जांच के दौरान मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आठ लोगों को ही आरोपी माना गया है। रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच टीम ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़े थे पद
मामले की जांच शुरू होने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। चंपत राय ने उस समय अयोध्या में चार महीने की चातुर्मास साधना करने की बात कही थी।
SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें मामले में राहत मिलती दिखाई दे रही है।
मंदिर के लिए पूर्णकालिक CEO की तैयारी
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का फैसला भी लिया है। इस पद के लिए करीब 5,200 आवेदन मिलने की जानकारी है, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
इन उम्मीदवारों में दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। CEO की नियुक्ति को लेकर अयोध्या के संतों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
इसके अलावा राम जन्मभूमि न्यास की ओर से जगदीश आफले को पहला सचिव नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस प्रस्ताव पर अगली बैठक में फैसला होने की संभावना है।
2019 के बाद चंपत राय बने थे ट्रस्ट के महासचिव
2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया था। चंपत राय को ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया था। ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य थे, जिनमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, डॉ. अनिल मिश्रा और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास समेत अन्य सदस्य शामिल थे।
अयोध्या के जिलाधिकारी भी ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं। चंपत राय मंदिर से जुड़े कामकाज की प्रमुख जिम्मेदारियां संभालते थे, जबकि डॉ. अनिल मिश्रा भी उनके साथ काम करते थे।
अब SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें हैं।




























