इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा आदेश दिया। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि इमरान खान को इलाज और मेडिकल जांच के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल बोर्ड करेगा इमरान खान की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के लिए डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से उनकी मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी पेश करने को कहा है।
इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी की ओर से लंबे समय से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही थी। उनके वकीलों ने अदालत में निजी अस्पताल में इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की थी।
आंखों की रोशनी को लेकर भी जताई गई थी चिंता
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर सबसे ज्यादा चिंता उनकी आंखों की समस्या को लेकर सामने आई थी। फरवरी में अदालत के समक्ष पेश रिपोर्ट में उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी कम होने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में जेल अधिकारियों ने दावा किया था कि इलाज के बाद उनकी आंखों की स्थिति में सुधार हुआ और नजर लगभग सामान्य हो गई।
इसी बीच, उनके परिवार और PTI नेताओं ने लगातार बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा की मांग की।
अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान खान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। हालांकि, इमरान खान और उनकी पार्टी लगातार इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का PTI ने स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है, हालांकि उनके मुताबिक यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था।
अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक इमरान खान को अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। अदालत ने यह भी कहा है कि अस्पताल में उनकी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि मेडिकल बोर्ड इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अपनी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष देता है और अदालत आगे क्या फैसला लेती है।






















