पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पाकिस्तान दौरे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने साफ किया है कि भगवंत मान को वीजा जारी करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नागरिकों के लिए भी वीजा प्रक्रिया बंद नहीं की गई है। इस बयान के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के संभावित पाकिस्तान दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, भगवंत मान ने पिछले महीने पंजाब विधानसभा में लाहौर में आयोजित होने वाली वर्ल्ड पंजाबी कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। अब पाकिस्तान की ओर से वीजा को लेकर दिए गए बयान ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
पाकिस्तान ने भगवंत मान के वीजा पर क्या कहा?
इस्लामाबाद में 6 नवंबर को आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान से भगवंत मान के संभावित दौरे को लेकर सवाल किया गया।
इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय पंजाब के मुख्यमंत्री को पाकिस्तान का वीजा देने में कोई रुकावट नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया बंद नहीं हुई है।
पाकिस्तान के अनुसार, इस साल 4,000 से अधिक सिख श्रद्धालुओं को भी यात्रा के लिए वीजा जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, वीजा जारी करने की सामान्य प्रक्रिया खुली होने का मतलब यह नहीं है कि भगवंत मान का दौरा या वीजा मंजूर हो चुका है।
भगवंत मान ने विधानसभा में जताई थी लाहौर जाने की इच्छा
भगवंत मान ने 23 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान लाहौर में होने वाली वर्ल्ड पंजाबी कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण मिला है और आयोजकों ने उनकी मेजबानी करने की बात भी कही है।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के पंजाब की जड़ें, भाषा और संस्कृति काफी हद तक एक जैसी हैं। ऐसे में दोनों तरफ के लोगों के बीच सांस्कृतिक मेलजोल होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा था कि जब उन्हें फ्रांस और जापान जैसे देशों की यात्रा की अनुमति नहीं मिलती, तो पाकिस्तान जाने की मंजूरी मिलने पर भी संदेह है।
27 से 29 नवंबर तक लाहौर में होगी वर्ल्ड पंजाबी कॉन्फ्रेंस
लाहौर में चौथी अंतरराष्ट्रीय पंजाबी कॉन्फ्रेंस 27 से 29 नवंबर 2026 तक आयोजित होनी है। इस सम्मेलन में पंजाबी भाषा, साहित्य, संस्कृति और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।
पाकिस्तान की ओर से पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रamesh Singh Arora भी भगवंत मान और पंजाब विधानसभा के सदस्यों को पाकिस्तान आने का निमंत्रण दे चुके हैं। उन्होंने लाहौर के साथ करतारपुर साहिब और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा का भी प्रस्ताव रखा था।
क्या पाकिस्तान जा पाएंगे भगवंत मान?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भगवंत मान को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलेगी? पाकिस्तान की ओर से वीजा जारी करने पर कोई रोक नहीं होने की बात कही गई है, लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे के लिए भारत सरकार की जरूरी मंजूरी और अन्य औपचारिकताएं भी अहम होंगी।
फिलहाल भगवंत मान की पाकिस्तान यात्रा की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पंजाब के मुख्यमंत्री नवंबर में लाहौर में होने वाली पंजाबी कॉन्फ्रेंस में शामिल हो पाएंगे या नहीं।




























