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अमन अरोड़ा ने शुरू किया Investor Circle 2.0, 28 स्टार्टअप को बांटी ₹1.17 करोड़ की ग्रांट

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Aman Arora launches Punjab Investor Circle 2.0 and distributes seed grants to 28 startups in Chandigarh.
पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0 के शुभारंभ के दौरान उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा।

पंजाब में नए कारोबार और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने ‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0’ की शुरुआत करते हुए 28 स्टार्टअप को कुल 1.17 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट प्रदान की। सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवा उद्यमियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें निवेशकों और बड़े कारोबारी संस्थानों से जोड़ना है।

बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में स्टार्टअप का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में केवल 36 स्टार्टअप थे, जबकि 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 404 तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे राज्य में विकसित हो रहे उद्यमशीलता के माहौल और युवाओं की नई सोच का परिणाम बताया।

पांच साल में 36 से बढ़कर 404 हुए स्टार्टअप

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार अब तक 222 स्टार्टअप को कुल 6.8 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग उपलब्ध करवा चुकी है। राज्य में आईटी, स्वास्थ्य सेवाओं, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि, खाद्य उद्योग और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में नए उद्यम तेजी से सामने आ रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब के लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिला निदेशकों के हाथों में है। यह प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती उद्यमशील भागीदारी को दर्शाता है।

नई स्टार्टअप नीति के तहत 15 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद

उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब स्टार्टअप नीति-2026 के माध्यम से नए उद्यमियों के लिए सहायता व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इस नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप को दो किस्तों में अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट देने का प्रावधान है।

इसके अलावा उद्यमियों को ब्याज और लीज किराये पर सब्सिडी तथा सरकारी खरीद में प्राथमिकता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

सरकार की ओर से 350 से अधिक आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से युवाओं तक स्टार्टअप योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है। साथ ही स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0 और इन्वेस्टर सर्कल जैसे मंचों के जरिए कारोबारियों को निवेश और मार्गदर्शन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जोहो के साथ समझौता, स्टार्टअप को मिलेगा 1.86 लाख रुपये तक का लाभ

कार्यक्रम के दौरान ‘स्टार्टअप पंजाब’ और जोहो कॉरपोरेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस साझेदारी के तहत पात्र पंजीकृत स्टार्टअप को 1.86 लाख रुपये तक के जोहो वॉलेट क्रेडिट उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन क्रेडिट की मदद से नए कारोबार डिजिटल व्यावसायिक सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इससे स्टार्टअप को अपने दैनिक कामकाज को बेहतर बनाने, तकनीकी सुविधाएं अपनाने और कारोबार का विस्तार करने में सहायता मिलेगी।

10 स्टार्टअप ने निवेशकों के सामने पेश किए नए तकनीकी समाधान

‘पंजाब इन्वेस्टर सर्कल 2.0’ का एक प्रमुख आकर्षण निवेशक पिचिंग सत्र रहा। इसमें 10 स्टार्टअप ने निवेशकों और विशेषज्ञों के सामने अपने कारोबारी मॉडल, नई तकनीकों और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत किया।

इन स्टार्टअप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, हेल्थ टेक्नोलॉजी, जैव प्रौद्योगिकी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, कृषि तकनीक और शिक्षा से जुड़े आधुनिक समाधान पेश किए।

इस दौरान उद्यमियों को संभावित निवेशकों के साथ सीधे बातचीत करने, वित्तीय सहयोग की संभावनाएं तलाशने और विशेषज्ञों से कारोबार को आगे बढ़ाने के सुझाव प्राप्त करने का अवसर मिला।

पंजाब में स्टार्टअप के लिए तैयार हो रहा मजबूत नेटवर्क

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के युवाओं में बड़े स्तर पर कारोबार खड़ा करने की क्षमता है। सरकार का प्रयास है कि उनके नए विचार केवल योजनाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें सफल कंपनियों और रोजगार पैदा करने वाले उद्यमों में बदला जा सके।

उन्होंने उद्यमियों से छोटे लक्ष्य रखने के बजाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली कंपनियां खड़ी करने की अपील की।

पंजाब में इस समय 25 से अधिक मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर और एक्सीलरेटर काम कर रहे हैं। इसके अलावा आईआईटी रोपड़, आईआईएसईआर मोहाली, आईएसबी मोहाली, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गडवासू और थापर इंस्टीट्यूट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी सहयोग स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के विजन को आगे बढ़ाने की पहल

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पंजाब इन्वेस्टर सर्कल का उद्देश्य स्टार्टअप को निवेशकों, औद्योगिक समूहों और वित्तीय संस्थानों से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 में मोहाली में आयोजित पहले संस्करण के बाद दूसरे संस्करण के माध्यम से इस नेटवर्क को और मजबूत किया गया है।

उनके अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने, तकनीकी विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है।

कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब वित्तीय निगम की प्रबंध निदेशक सेनू दुग्गल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पंजाब सरकार की इन पहलों से प्रदेश में नए कारोबार शुरू करने वाले युवाओं को आर्थिक सहयोग, तकनीकी सुविधाएं और निवेशकों तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।

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