चंडीगढ़:
पंजाब पुलिस ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए देश के पहले 3डी पुलिसिंग मॉडल का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत ड्रोन, सैटेलाइट डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत करके पंजाब को भारत का ‘रोड सेफ्टी हब’ बनाया जाएगा। राज्य के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 27 जनवरी 2024 को शुरू की गई ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) ने पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
दो वर्षों में 47 हजार से अधिक लोगों की बचाई जान
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच एसएसएफ ने 43,983 सड़क हादसों में त्वरित सहायता पहुंचाते हुए कुल 47,386 लोगों की जान बचाई। इस दौरान 19,973 घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 लोगों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
एसएसएफ की निगरानी वाले विशेष हाईवे मार्गों पर सड़क हादसों से होने वाली मौतों में 45 से 48 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, इन मार्गों पर मौतों का आंकड़ा 2023 के 1,955 से घटकर 2024 में 1,016 रह गया, जिससे लगभग 940 मूल्यवान जीवन बचाने में सफलता मिली।
अत्याधुनिक तकनीक और ‘प्लैटिनम 10 मिनट’ मॉडल
एसडीजीपी (ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी) अमरदीप सिंह राय ने बताया कि एसएसएफ का मुख्य आधार ‘प्लैटिनम 10 मिनट’ का सिद्धांत है। इसके तहत फोर्स का लक्ष्य दुर्घटना स्थल पर 6 से 8 मिनट के भीतर पहुंचना है ताकि एम्बुलेंस के आने से पहले पीड़ित को तुरंत मेडिकल हेल्प मिल सके।
* बेड़ा और तैनाती: इस फोर्स के पास 144 हाईटेक वाहन और 1,600 से अधिक प्रशिक्षित कर्मचारी (लगभग 28% महिला पुलिसकर्मी) हैं। इन्हें प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य मार्गों के 4,100 किलोमीटर क्षेत्र में हर 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है।
* वाहन सुविधाएं: एसएसएफ के वाहनों में स्पीड गन, ब्रेथलाइजर, ई-चालान मशीनें, डैशकैम और फर्स्ट-एड किट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
* मानवीय कार्य: सड़क सुरक्षा के अलावा एसएसएफ जवानों ने 12 से अधिक लोगों को आत्महत्या करने से रोकने, चोरी हुए वाहन बरामद करने तथा देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और पर्यटकों की मदद करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
भविष्य की योजना: ‘विजन एसएसएफ-2047’
दूसरे चरण के तहत एसएसएफ की कवरेज को 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक किया जाएगा। ‘विजन एसएसएफ-2047’ के तहत सैटेलाइट संचार, जियोस्पेशियल डेटा और एआई आधारित प्रेडिक्टिव प्रणालियों का उपयोग करके ट्रैफिक जाम की भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन और डिजिटल प्रवर्तन को मजबूत किया जाएगा। पंजाब पुलिस इस फोर्स को जियोसिंक्रोनस नैनो या माइक्रो सैटेलाइट के साथ एकीकृत करने की संभावनाओं पर भी काम कर रही है, जिससे पंजाब सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।




























