उत्तराखंड के जोशीमठ में शुक्रवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे की भयावह तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन दृश्यों में दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा पहाड़ी ढलान और झाड़ियों के बीच बिखरा दिखाई दे रहा है। विमान के कई हिस्से अलग-अलग पड़े नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ हिस्सों को आग से नुकसान पहुंचा है।
यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर जा रहा था। चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में चाई गांव के पास हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
पहाड़ी ढलान पर बिखरा मिला हेलीकॉप्टर का मलबा
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में हेलीकॉप्टर के क्षतिग्रस्त हिस्से दूर-दूर तक बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। हादसे की गंभीरता का अंदाजा मलबे की हालत से लगाया जा सकता है। कुछ हिस्से बुरी तरह टूटे हुए हैं, जबकि एक हिस्सा जली हुई अवस्था में नजर आ रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी इलाके में होने के कारण बचाव और मलबा हटाने का काम चुनौतीपूर्ण रहा।
सेना की टीम ने देखा था हेलीकॉप्टर से उठता धुआं
हादसे से पहले सेना के सिग्नल सेंटर की टीम ने हेलीकॉप्टर से धुआं निकलते हुए देखा था। रिपोर्ट के अनुसार, विमान तेजी से नीचे की ओर आता दिखाई दिया था। इसके बाद हेलीकॉप्टर का संपर्क संबंधित नियंत्रण प्रणाली से टूट गया।
न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन का सिविल हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
पायलट समेत छह लोगों की गई जान
हेलीकॉप्टर में कुल छह लोग सवार थे। इनमें पायलट कैप्टन हिमांशु और पांच यात्री शामिल थे। सभी की हादसे में मौत हो गई।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- कैप्टन हिमांशु
- प्रथापा
- अरुण सालुंके
- शंकर गौड़ा
- सुधीर के
- एचएस नटराजा
पांचों यात्री बेंगलुरु के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीर बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
SDRF, पुलिस और सेना ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हेलीकॉप्टर के लापता होने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी की टीमें तलाश अभियान में जुट गई थीं। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण अभियान में मुश्किलें आईं।
अब हादसे की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त किन परिस्थितियों में हुआ।




























