पंजाब में पहली बार आयोजित हो रही अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर जालंधर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में मुकाबले देखने के लिए बड़ी संख्या में हॉकी प्रेमी पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि भारतीय टीम के पंजाबी खिलाड़ियों के परिवार और हॉकी के पूर्व दिग्गज भी स्टेडियम में मौजूद रहकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।
इस टूर्नामेंट को पंजाब में हॉकी के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में पहली बार इतने बड़े स्तर की अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता आयोजित होना खेल प्रेमियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
भारतीय टीम के पंजाबी खिलाड़ियों को परिवार का साथ
भारतीय हॉकी टीम में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह के अलावा हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक के नाम शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों के परिवार भी लगातार स्टेडियम पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के माता-पिता सरबजीत सिंह और राजविंदर कौर, पत्नी अमनदीप कौर और उनकी बेटियां भी मुकाबले देखने पहुंचीं। टूर्नामेंट के दौरान हरमनप्रीत की चार महीने की बेटी मेहर पहली बार हॉकी मैदान पहुंची। मैच के बाद पिता की गोद में बेटी का यह खास पल भी चर्चा का विषय बना।
हार्दिक सिंह के पिता वरिंदर सिंह भी मैच देखने पहुंचे। वह मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम में अपनी ड्यूटी भी निभा रहे हैं। हार्दिक की मां और छोटे भाई ने भी स्टेडियम में मौजूद रहकर टीम का समर्थन किया।
इसके अलावा मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के परिवारों की मौजूदगी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
हॉकी के दिग्गज भी पहुंचे स्टेडियम
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी देखने के लिए पूर्व भारतीय कप्तान और तीन बार के ओलंपियन बलजीत सिंह ढिल्लों भी पहुंचे। उन्होंने इस आयोजन को पंजाब में हॉकी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया। ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंदर और गुरबाज सिंह भी दर्शक दीर्घा में नजर आए।
मॉस्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने भी प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों से मुलाकात की। वहीं ओलंपियन गुरजंत सिंह और गुरविंदर सिंह चांदी ने मैन ऑफ द मैच समारोह में हिस्सा लिया।
70 से अधिक युवा वॉलंटियर संभाल रहे जिम्मेदारी
टूर्नामेंट को सफल बनाने में सुरजीत हॉकी अकादमी के 70 से अधिक युवा खिलाड़ी भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये युवा वॉलंटियर बॉल बॉय, टीमों के मैदान में प्रवेश के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलने और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
हॉकी पंजाब के पदाधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और पंजाब में हॉकी को नई पहचान मिलेगी।




























