
नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद उनके फिल्मी करियर के साथ-साथ परिवार को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। बेहद सादगी और निजी जिंदगी को लेकर सतर्क रहने वाले नाना पाटेकर का परिवार लंबे समय से मीडिया की चकाचौंध से दूर रहा है।
नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर भी अपने पिता की तरह लगातार सुर्खियों में रहने के बजाय निजी जिंदगी जीना पसंद करते हैं। हालांकि उनका रिश्ता फिल्मों से जरूर रहा है, लेकिन उन्होंने अपने पिता की तरह अभिनेता बनने के बजाय फिल्म निर्माण और पर्दे के पीछे काम करने का रास्ता चुना।
कौन हैं मल्हार पाटेकर?
मल्हार पाटेकर, नाना पाटेकर के इकलौते बेटे हैं। उनके बारे में सार्वजनिक तौर पर ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि वह लंबे समय से मीडिया और लाइमलाइट से दूरी बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बचपन से ही उनका फिल्मों की तरफ रुझान था। लेकिन कैमरे के सामने लगातार दिखाई देने के बजाय उन्होंने फिल्म के निर्माण से जुड़े काम को समझने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।
उन्होंने मुंबई के सरस्वती मंदिर हाई स्कूल से पढ़ाई की और बाद में कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उनका झुकाव फिल्म निर्माण की तरफ बढ़ा।
बचपन में पिता की फिल्म में किया था काम
दिलचस्प बात यह है कि मल्हार ने फिल्मी दुनिया में कदम कैमरे के सामने ही रखा था।
साल 1991 में रिलीज हुई ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में मल्हार बाल कलाकार के तौर पर नजर आए थे। खास बात यह है कि फिल्म का निर्देशन नाना पाटेकर ने किया था और वह खुद भी फिल्म में मुख्य भूमिका में थे।
इस तरह पिता और बेटे का फिल्मी कनेक्शन काफी पुराना है।
हालांकि इसके बाद मल्हार ने लगातार एक्टिंग करने की बजाय फिल्ममेकिंग के दूसरे पहलुओं को समझने का रास्ता चुना।
‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ में बने असिस्टेंट डायरेक्टर
मल्हार पाटेकर ने बतौर Assistant Director भी काम किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था।
यह उनके करियर में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि उनकी रुचि केवल अभिनय में नहीं बल्कि फिल्म के पूरे निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया में थी।
‘द लिटिल गॉडफादर’ में भी एक्टिंग
मल्हार ने पूरी तरह कैमरे से दूरी भी नहीं बनाई। साल 2014 में आई फिल्म ‘द लिटिल गॉडफादर’ में वह सपोर्टिंग रोल में दिखाई दिए थे।
फिल्म में अंगद बेदी भी महत्वपूर्ण भूमिका में थे। हालांकि इस फिल्म के बाद भी मल्हार ने स्टार किड के तौर पर बड़े पर्दे पर लगातार एक्टिंग करने की राह नहीं चुनी।
पिता सुपरस्टार, लेकिन बेटे ने चुनी अलग राह
नाना पाटेकर बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में रहे हैं जिन्होंने अपनी अलग अभिनय शैली और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस से पहचान बनाई। ऐसे में उनके बेटे के लिए भी फिल्म इंडस्ट्री में आसानी से पहचान बनाना संभव था।
लेकिन मल्हार ने अपने पिता की लोकप्रियता के सहारे खुद को स्टार बनाने के बजाय फिल्म निर्माण के पीछे की दुनिया को प्राथमिकता दी।
यही वजह है कि वह बाकी चर्चित स्टार किड्स की तुलना में बेहद कम मीडिया में दिखाई देते हैं।
नाना के निधन के बाद फिर चर्चा में आया नाम
नाना पाटेकर के निधन के बाद मल्हार एक बार फिर चर्चा में आए हैं। पिता की अंतिम यात्रा और परिवार से जुड़ी जानकारी के बीच लोगों की नजर उनके बेटे पर भी गई।
मल्हार की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि एक सुपरस्टार के बेटे होने के बावजूद उन्होंने लाइमलाइट के बजाय पर्दे के पीछे काम करने को प्राथमिकता दी।

























