पंजाब के नगर निकाय चुनाव से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने 50 वार्डों में दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इन वार्डों में पटियाला नगर निगम के 28 वार्ड के अलावा मोगा जिले की बाघापुराना और धर्मकोट नगर परिषदों के वार्ड शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश चुनाव के दौरान कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोके जाने और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों से जुड़े मामले में आया है।
50 वार्डों में फिर से होगी चुनाव प्रक्रिया
अदालत के निर्देश के बाद जिन क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया दोबारा होगी, उनमें:
पटियाला — 28 वार्ड
बाघापुराना — 15 वार्ड
धर्मकोट — 7 वार्ड
शामिल हैं।
यानी कुल 50 वार्डों में दोबारा मतदान कराया जाएगा।
नामांकन प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
दिसंबर 2024 में पंजाब में नगर निकाय चुनाव हुए थे। उस दौरान कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया और नामांकन प्रक्रिया में भी हस्तक्षेप किया गया।
विवाद बढ़ने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तथ्यों की स्वतंत्र जांच के लिए पूर्व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जज न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन गठित किया था।
कमीशन की रिपोर्ट बनी अहम आधार
फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन ने संबंधित क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच की। सुप्रीम कोर्ट ने कमीशन की रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए संबंधित वार्डों में चुनाव प्रक्रिया दोबारा कराने का आदेश दिया।
अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था बनाने को भी कहा है।
Nomination से Voting तक होगी Videography
दोबारा होने वाली चुनाव प्रक्रिया में नामांकन दाखिल करने से लेकर मतदान तक पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
इसके अलावा निगरानी के लिए एक Monitoring Committee गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश करेंगे।
इसका उद्देश्य दोबारा होने वाली चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराना है।
6 हफ्ते में पूरा करना होगा पूरा चुनाव
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को चुनाव की पूरी प्रक्रिया 6 सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश इस मामले की विशेष परिस्थितियों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। इसे भविष्य के मामलों में लागू होने वाली सामान्य मिसाल नहीं माना जाएगा।
मार्च 2025 में शुरू हुई थी जांच की प्रक्रिया
मामले की जांच के लिए मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन गठित करने पर सहमति दी थी।
अब कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर अदालत के फैसले के बाद पटियाला और मोगा के संबंधित 50 वार्डों में चुनावी प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी।


























