Home Crime IT Bombay Student Death: ‘प्रोफेसर ने की जातिसूचक टिप्पणियां’, छात्र के पिता...

IT Bombay Student Death: ‘प्रोफेसर ने की जातिसूचक टिप्पणियां’, छात्र के पिता का आरोप; FIR के बाद क्राइम ब्रांच को जांच

5
0
IIT Bombay student Sahil Wakode death case में professor के खिलाफ FIR
IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद प्रोफेसर के खिलाफ FIR, जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई

IIT बॉम्बे में सेकंड ईयर के एक छात्र की मौत के बाद कैंपस में तनाव का माहौल है। छात्र के परिवार ने एक प्रोफेसर पर जातिसूचक टिप्पणियां करने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

IIT Bombay Student Suicide Case: क्या है पूरा मामला?

मृत छात्र साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के Energy Science and Engineering विभाग में दूसरे वर्ष में पढ़ रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन पाया गया था। आरोप है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर जवाब मांगे गए थे। इसके बाद उन्हें हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया।

IIT बॉम्बे ने अपने पक्ष में कहा है कि छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और घटना के बाद उन्हें काउंसलिंग दी गई थी। संस्थान ने यह भी कहा कि मामले की जांच में वह पुलिस का पूरा सहयोग करेगा।

पिता ने प्रोफेसर पर लगाए जातिसूचक टिप्पणी के आरोप

साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पिछले करीब तीन महीनों से प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की ओर से कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा था।

परिवार की शिकायत में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम दर्ज किया गया है। वह Energy Science विभाग से जुड़े हैं और कथित घटना के समय परीक्षा में इनविजिलेटर थे। FIR में अन्य अधिकारियों का भी उल्लेख है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। संस्थान के अनुसार, छात्र की ओर से SC/ST सेल या प्रशासन के पास जातिगत भेदभाव को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी।

प्रोफेसर के खिलाफ FIR, SC/ST Act की धाराएं

पवई पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST Act के तहत मामला दर्ज किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, FIR में BNS की धारा 108 और 3(5) के साथ SC/ST Act की धाराएं 3(1)(r) और 3(1)(s) भी लगाई गई हैं।

यह मामला सामने आने के बाद जांच को मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। पुलिस अब परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

परिवार ने कई घंटे तक शव लेने से किया इनकार

साहिल के माता-पिता ने पोस्टमॉर्टम सेंटर से अपने बेटे का शव कई घंटों तक लेने से इनकार कर दिया। परिवार की मांग थी कि मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जांच निष्पक्ष तरीके से हो।

बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आश्वासन और जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद परिवार ने शव स्वीकार किया। परिवार के वकील ने विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने, तेज जांच और SC/ST Act के तहत मिलने वाले मुआवजे की मांग भी की है।

IIT Bombay में छात्रों ने किया प्रदर्शन

छात्र की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन से जवाबदेही और घटना की पारदर्शी जांच की मांग की।

रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में एकत्र हुए और प्रशासन से घटना से जुड़े सवालों के जवाब मांगे। कुछ छात्रों ने संस्थान में पहले हुई ऐसी घटनाओं और छात्र सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।

IIT Bombay में इस साल तीसरी ऐसी घटना

साहिल वाकोडे की मौत इस साल IIT बॉम्बे कैंपस में छात्र की आत्महत्या का तीसरा रिपोर्टेड मामला बताई जा रही है। इससे संस्थान में छात्रों की सुरक्षा, मानसिक दबाव और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठे हैं।

हालांकि, इस घटना के पीछे जातिगत उत्पीड़न ही कारण था या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिवार के आरोप, संस्थान का पक्ष और पुलिस जांच—तीनों इस मामले के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

IIT Bombay ने क्या कहा?

IIT बॉम्बे ने कहा है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संस्थान जांच में पूरा सहयोग करेगा। संस्थान ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक अटकलों से बचें और छात्र के परिवार की निजता का सम्मान करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here