पंजाब सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राज्य की हिस्सेदारी और युवाओं के रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में BBMB के लिए गठित किए जाने वाले विशेष कैडर के सेवा नियमों को हरी झंडी दी गई।
सरकार के मुताबिक, इस विशेष कैडर में कुल 2,452 पद शामिल होंगे। सेवा नियमों की मंजूरी मिलने के बाद अब इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
BBMB में पंजाब के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, BBMB में पंजाब के हिस्से के कई पद लंबे समय से खाली रहते आए हैं। निर्धारित पदों के बावजूद इन रिक्तियों पर दूसरे राज्यों के कर्मचारियों की तैनाती होने से पंजाब की भागीदारी प्रभावित होती रही है।
इसी स्थिति को बदलने और राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए अलग कैडर बनाने का फैसला किया गया है।
2,452 पदों के लिए सेवा नियमों को मिली मंजूरी
सरकार ने बताया कि 15 नवंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में BBMB के लिए 2,452 पदों वाला विशेष कैडर बनाने को मंजूरी दी गई थी।
इसके बाद इन पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती नियम और अन्य सेवा शर्तें तैयार की गईं। अब विभागीय सेवा नियमों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
इससे भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। हालांकि, पदों के अनुसार भर्ती की तारीख और विस्तृत विज्ञापन का इंतजार रहेगा।
BBMB के खर्च में पंजाब देता है 40 प्रतिशत योगदान
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, पंजाब BBMB के कुल खर्च में 40 प्रतिशत वित्तीय योगदान देता है। सरकार का कहना है कि इस योगदान के अनुपात में बोर्ड में राज्य के कर्मचारियों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए।
इसी उद्देश्य से अलग कैडर की व्यवस्था तैयार की गई है, ताकि पंजाब के निर्धारित पदों को भरने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
पंजाब के अधिकारों को सुरक्षित रखने पर सरकार का जोर
BBMB का गठन पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के प्रावधानों के तहत भाखड़ा और ब्यास बांध परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए किया गया था। इसमें पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान भी भागीदार राज्य हैं।
इन राज्यों की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर बोर्ड में भेजा जाता है।
पंजाब सरकार का कहना है कि अलग कैडर बनने से राज्य की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।




























