पंजाब सरकार ने मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहे बच्चों की मदद के लिए अपनी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने का दावा किया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के तहत सितंबर 2026 तक ₹254.44 करोड़ की आर्थिक सहायता जारी की जा चुकी है।
मंत्री के अनुसार इस सहायता का लाभ पंजाब के करीब 2.43 लाख आश्रित और बेसहारा बच्चों को मिल रहा है।
बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर सरकार का फोकस
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि किसी भी बच्चे को कठिन परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई, विकास और भविष्य के सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को समय पर आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना जरूरी है।
2026-27 के लिए ₹432.78 करोड़ का बजट
मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत ₹432.78 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इसमें से सितंबर 2026 तक ₹254.44 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
सरकार के अनुसार यह आर्थिक मदद बच्चों की बुनियादी जरूरतों के साथ-साथ उनकी शिक्षा जारी रखने में भी सहायता कर रही है।
किन बच्चों को मिल सकता है योजना का लाभ?
इस योजना के तहत 21 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों को शामिल किया जाता है, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है, दोनों माता-पिता लापता हैं या माता-पिता शारीरिक अथवा मानसिक अक्षमता के कारण बच्चों की देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं।
इसके अलावा पात्र परिवारों के लिए वार्षिक आय की सीमा ₹60,000 या उससे कम बताई गई है।
‘रंगला पंजाब’ के लक्ष्य पर जोर
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर बच्चे को सुरक्षा, सम्मान और विकास का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी बच्चे की पारिवारिक या आर्थिक परिस्थितियां उसकी शिक्षा और भविष्य की राह में बाधा न बनें।




























