पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों के बीच उस समय तनाव बढ़ गया, जब विधानसभा परिसर में दोनों दलों के नेता मीडिया के सामने आमने-सामने आ गए। सुखपाल सिंह खैरा के निलंबन और कांग्रेस विधायकों को विधानसभा में प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध जता रही थी।
मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। इससे विधानसभा परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।
खैरा के निलंबन को लेकर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को 23 अक्टूबर को सदन की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में खैरा पर विधानसभा अध्यक्ष के प्रति असंसदीय भाषा के इस्तेमाल और सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए गए थे। सदन में प्रस्ताव पारित होने के बाद कांग्रेस ने इस कार्रवाई का विरोध किया।
कांग्रेस ने खैरा के निलंबन को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। मंगलवार को विधानसभा सत्र के आखिरी दिन भी कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया।
विधानसभा के बाहर भिड़े आप और कांग्रेस के नेता
सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस विधायकों के प्रवेश को लेकर भी विवाद सामने आया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष कांग्रेस विधायकों को बाहर रोके जाने का मुद्दा उठाया।
इसके बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता मीडिया के सामने अपने-अपने पक्ष रखते नजर आए। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
परगट सिंह ने जोड़े हाथ
पूरे घटनाक्रम के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। विवाद बढ़ने के बीच वह हाथ जोड़ते हुए नजर आए। विधानसभा के अंतिम दिन हुआ यह टकराव पंजाब की राजनीति में दोनों दलों के बीच बढ़ती तल्खी को एक बार फिर सामने ले आया।
सुखपाल सिंह खैरा के निलंबन से शुरू हुआ विवाद अब विधानसभा परिसर में राजनीतिक टकराव तक पहुंच गया है। दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।




























