SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूची उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फिर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची को डिजिटल और मशीन-रीडेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराने की मांग पार्टी लंबे समय से उठाती रही है। पार्टी ने दावा किया कि जनता के दबाव और वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध के बीच चुनाव आयोग को अपना फैसला बदलना पड़ा है।
राहुल गांधी की मांग का जयराम रमेश ने किया जिक्र
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पिछले दो वर्षों से राजनीतिक दलों को ऐसी मतदाता सूची उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं, जिसमें नाम और दूसरी जानकारी आसानी से सर्च की जा सके।
कांग्रेस के मुताबिक, चुनाव आयोग ने पहले इस मांग को स्वीकार नहीं किया था। अब आयोग की नई घोषणा को पार्टी अपने लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दे से जोड़ रही है।
कांग्रेस ने लगाए ‘वोट चोरी’ के आरोप
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची को डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराने की मांग को लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया गया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आयोग के रुख में बदलाव जनता के विरोध और राजनीतिक दबाव के बाद आया है। हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
कांग्रेस ने केवल मतदाता सूची के फॉर्मेट में बदलाव की मांग तक खुद को सीमित नहीं रखा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी दोहराई है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने जनता का भरोसा खो दिया है और अब केवल नेतृत्व में बदलाव पर्याप्त नहीं होगा।
SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
पार्टी ने SIR को तत्काल रोकने की मांग करते हुए इसे मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों से जोड़कर मुद्दा बनाया है।
अब चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक विवाद आगे किस दिशा में जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।



























