पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई के बीच तरनतारन से सामने आए एक मामले ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरहदी इलाके में नशे की तस्करी रोकने की जिम्मेदारी निभाने वाले एक पुलिस कॉन्स्टेबल को कथित तौर पर नशे की खेप के साथ पकड़ा गया है।
जानकारी के मुताबिक, BSF ने तरनतारन जिले के सराय अमानत खान इलाके में कॉन्स्टेबल करनदीप को गिरफ्तार किया। मामले की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी NCB कर रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद नशा कहां से आया था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिसकर्मी पर ही नशा तस्करी का आरोप
तरनतारन बॉर्डर इलाका लंबे समय से सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी को रोकने के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में एक पुलिसकर्मी के कथित तौर पर नशे की खेप के साथ पकड़े जाने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, किसी एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी को पूरे पुलिस विभाग की संलिप्तता नहीं माना जा सकता। आरोपी की भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पंजाब में पुलिसकर्मियों के नशा तस्करी से जुड़े होने के आरोपों का यह पहला मामला नहीं है।
अप्रैल 2023 में तत्कालीन AIG राजजीत सिंह को नशा तस्करों को कथित संरक्षण देने और अन्य गंभीर आरोपों के चलते सेवा से बर्खास्त किया गया था।
इसके अलावा पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। अक्टूबर 2024 में ED ने इंद्रजीत सिंह को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उस पर तस्करों को कथित संरक्षण देने और रिश्वत से जुड़े आरोप लगाए थे।
महिला कॉन्स्टेबल भी हुई थी गिरफ्तार
अप्रैल 2025 में बठिंडा में महिला कॉन्स्टेबल अमनदीप कौर को कथित तौर पर 17.71 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे सेवा से बर्खास्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने पंजाब में पुलिसकर्मियों की निगरानी, संवेदनशील पोस्टिंग और विभागीय जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में भी सवाल उठने लगे हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मामले को लेकर सवाल उठाए और कहा कि जिस पुलिसकर्मी पर सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी है, उसी का कथित तौर पर तस्करी में पकड़ा जाना गंभीर चिंता का विषय है।
शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी नेताओं की ओर से भी मामले को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
अब जांच के केंद्र में क्या?
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल नशे की खेप के स्रोत और उसके अंतिम गंतव्य का है। इसके अलावा आरोपी के संभावित संपर्कों, सीमा पार नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
करनदीप सिंह की वास्तविक भूमिका और अन्य आरोपियों की संलिप्तता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


























