मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत का फैसला सामने आ चुका है। चर्चित नीला ड्रम केस में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों भावुक होकर रोने लगे।
जिस केस ने पूरे देश को चौंकाया, उसमें आया बड़ा फैसला
सौरभ राजपूत हत्याकांड उस समय देशभर में चर्चा में आया था, जब जांच के दौरान उनके शव को नीले ड्रम में छिपाए जाने की बात सामने आई। मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया था। बाद में अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया और अब मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
कोर्ट में फैसले के बाद बदल गया माहौल
मौत की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषी भावुक हो गए। जेल प्रशासन के अनुसार, फैसले के बाद दोनों शांत रहे और साथी बंदियों से बातचीत नहीं की। अब उनके सामने आगे की कानूनी लड़ाई का रास्ता खुला है।
जज ने क्यों किया महाभारत का जिक्र?
इस फैसले की एक खास बात यह रही कि सजा सुनाते समय अदालत में महाभारत और गीता के संदर्भ का उल्लेख किया गया। रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने अपराधियों को दंड देने को न्याय और धर्म से जोड़ते हुए टिप्पणी की।
सौरभ की हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाया गया
जांच के मुताबिक सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखा गया और सीमेंट से बंद किया गया। इसी वजह से यह मामला ‘नीला ड्रम केस’ के नाम से देशभर में चर्चित हो गया।
परिवार ने कड़ी सजा की मांग की थी
सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से शुरुआत से ही दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की जाती रही। अदालत के फैसले के बाद परिवार की ओर से संतोष व्यक्त किया गया और इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला बताया गया।
क्या फांसी की सजा के बाद तुरंत होगी कार्रवाई?
नहीं। मृत्युदंड के फैसले के बाद दोषियों के पास ऊपरी अदालत में अपील करने का अधिकार होता है। इसलिए अदालत का फैसला आने के बावजूद मामला आगे की कानूनी प्रक्रिया से गुजर सकता है।
बच्चों को लेकर भी सामने आया मामला
इस केस के बाद सौरभ राजपूत की बेटी को लेकर भी परिवारों के बीच विवाद की खबरें सामने आई हैं। सौरभ के परिवार की ओर से बच्ची की देखभाल अपने पास रखने की इच्छा जताई गई है और इस संबंध में कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही गई है।
मेरठ नीला ड्रम केस की बड़ी टाइमलाइन
- मार्च 2025 — सौरभ राजपूत की हत्या
- जांच के दौरान — शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया
- 30 सितंबर 2026 — मुस्कान और साहिल दोषी करार
- 14 अक्टूबर 2026 — दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई
- इसके बाद — हाई कोर्ट में अपील का विकल्प उपलब्ध
मेरठ का यह मामला अब सजा के ऐलान के बाद कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है।


























