यूट्यूबर ध्रुव राठी से जुड़े मामले में साकेत कोर्ट ने समन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित पते पर दोबारा समन जारी करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता को समन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए दो दिन के अंदर प्रोसेस फीस जमा करनी होगी।
इस मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन की अदालत में हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
शिकायतकर्ता ने कोर्ट में क्या कहा?
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी आम तौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं। उनके मुताबिक इस समय ध्रुव राठी CJP Protest के सिलसिले में भारत में हैं।
शिकायतकर्ता की तरफ से यह भी दलील दी गई कि ध्रुव राठी के विदेश में रहने के कारण 2019 से समन की तामील कराने में परेशानी आ रही है।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
अदालत ने शिकायतकर्ता की दलीलों और मामले के रिकॉर्ड को देखने के बाद नए सिरे से समन जारी करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता वर्ष 2019 से समन की तामील कराने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद संबंधित पते पर दोबारा समन भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई।
दस्ती समन की मांग भी मंजूर
अदालत ने शिकायतकर्ता की ओर से की गई दस्ती समन जारी करने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है। शिकायतकर्ता को प्रक्रिया सर्वर के साथ जाकर समन तामील कराने की अनुमति दी गई है।
हालांकि, इसके लिए पहले शिकायतकर्ता को अदालत के निर्देश के मुताबिक दो दिन के भीतर प्रोसेस फीस जमा करनी होगी।
अब 17 अक्टूबर पर टिकी नजर
इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। उस दिन समन की तामील और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।


























