पंजाब में धान की खरीद और मंडियों में इंतजामों को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंडियों में बारिश के कारण धान भीगने के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद सीजन के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों की फसल बारिश की चपेट में आ गई।
जाखड़ ने पंजाब सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडियों में धान को सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता प्रबंध होने चाहिए थे। किसानों की उपज बारिश में भीगने से खरीद व्यवस्था और सरकारी तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धान खरीद के प्रबंधों पर सरकार को घेरा
सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि मंडियों में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धान की खरीद के दौरान बारिश से बचाव के लिए उचित व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल सुरक्षित रह सके।
इस मुद्दे ने एक बार फिर पंजाब में कृषि व्यवस्था और मंडियों की तैयारियों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
केंद्र से मिले पैसे का भी उठाया मुद्दा
जाखड़ ने दावा किया कि धान खरीद के लिए केंद्र सरकार की ओर से पैसे भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद मंडियों में जरूरी प्रबंध नहीं हो पाए। उन्होंने इसी आधार पर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
हालांकि, केंद्र से जारी धनराशि, उसके इस्तेमाल और मंडियों में उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित विभाग का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
किसानों की फसल की सुरक्षा पर सवाल
बारिश के दौरान खुले में रखे धान को सुरक्षित रखना किसानों और खरीद एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। मंडियों में पर्याप्त ढकाव, सुरक्षित भंडारण और समय पर खरीद जैसी व्यवस्थाएं फसल को नुकसान से बचाने में मदद कर सकती हैं।
फिलहाल, इस मुद्दे पर सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। अब मंडियों में हुए नुकसान, खरीद प्रबंधों और सरकार की प्रतिक्रिया से जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी।























