Home Political ‘आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है पोलैंड’, राजदूत का बड़ा...

‘आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है पोलैंड’, राजदूत का बड़ा बयान; रक्षा सहयोग बढ़ने के संकेत

94
0
‘आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है पोलैंड’, राजदूत का बड़ा बयान; रक्षा सहयोग बढ़ने के संकेत
‘आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है पोलैंड’, राजदूत का बड़ा बयान; रक्षा सहयोग बढ़ने के संकेत

भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक संबंधों के बीच पोलैंड के नई दिल्ली स्थित राजनयिक प्रतिनिधि पियोत्र एंटोनी स्विताल्स्की ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के समर्थन की बात कही है। उन्होंने कहा कि पोलैंड आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है और भारत को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।

स्विताल्स्की ने भारत में आतंकवादी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पोलैंड खुद भी आतंकवाद की समस्या से प्रभावित रहा है। उन्होंने भारत की सुरक्षा चिंताओं को गंभीर बताते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नई दिल्ली के साथ एकजुटता जताई।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी किया जिक्र

पोलिश राजनयिक ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आए ड्रोन से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि पाकिस्तान की ओर से गिराए गए कुछ पोलिश निर्मित ड्रोन संभवतः हमले के लिए नहीं, बल्कि डिकॉय या प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए गए होंगे।

हालांकि, इस बयान को पोलैंड की ओर से ऑपरेशन सिंदूर में प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी के दावे के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा। राजदूत ने मुख्य रूप से ड्रोन के संभावित इस्तेमाल को लेकर अपना आकलन साझा किया था।

पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर भी साफ की स्थिति

स्विताल्स्की ने यह भी स्पष्ट किया कि पोलैंड के पाकिस्तान के साथ राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं। लेकिन उनका कहना था कि इन रिश्तों को भारत के खिलाफ किसी नीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया।

राजदूत ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारत और पोलैंड के बीच सहयोग की याद दिलाई। उनका संदेश था कि दोनों देशों के रिश्तों को केवल मौजूदा भू-राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।

भारत-पोलैंड रक्षा सहयोग पर बढ़ी उम्मीदें

भारत और पोलैंड के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2024 में पोलैंड की ऐतिहासिक यात्रा की थी। उस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया था और 2024-2028 के लिए संयुक्त कार्ययोजना पर सहमति बनी थी।

इसके अलावा, भारत और पोलैंड के बीच आतंकवाद और आपराधिक मामलों की जांच में सहयोग बढ़ाने के लिए Mutual Legal Assistance Treaty को लेकर भी भारत सरकार ने कदम आगे बढ़ाया है। इसका उद्देश्य आतंकवाद समेत गंभीर अपराधों की जांच और अभियोजन में दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत करना है।

क्या पाकिस्तान पर बढ़ेगा दबाव?

पोलैंड के इस रुख को भारत के लिए कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। आतंकवाद के खिलाफ भारत के अधिकार का समर्थन और संभावित रक्षा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकते हैं।

हालांकि, इसे सीधे तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ किसी नए सैन्य कदम या ‘तीसरी कील’ के रूप में देखना फिलहाल अटकल होगी। वास्तविक असर आने वाले समय में भारत-पोलैंड के रक्षा और रणनीतिक सहयोग से स्पष्ट होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here