अमृतसर: डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब सांसद अमृतपाल सिंह अपनी बीमार दादी से अब वीडियो कॉल पर बात कर सकेगा। अमृतसर की अदालत ने उसकी दादी की खराब तबीयत को देखते हुए उसे सीमित अवधि के लिए वीडियो कॉल की अनुमति दी है।
अमृतपाल सिंह के वकीलों ने अदालत में आवेदन देकर कहा था कि उसकी दादी बुजुर्ग हैं और बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं। अमृतपाल जेल में बंद होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं कर पा रहा है। ऐसे में उसे कम से कम वीडियो कॉल के माध्यम से दादी से बातचीत करने की अनुमति दी जाए।
पांच दिनों के भीतर होगी वीडियो कॉल
अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद अमृतपाल सिंह को अगले पांच दिनों के भीतर एक बार वीडियो कॉल करने की अनुमति दी है। वह इस कॉल के दौरान अपनी दादी से अधिकतम 10 मिनट तक बातचीत कर सकेगा।
यह अनुमति अमृतपाल सिंह के परिवार की स्थिति को देखते हुए दी गई है। अदालत के आदेश के बाद अब जेल प्रशासन के स्तर पर वीडियो कॉल की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
2023 से डिब्रूगढ़ जेल में है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह को 2023 में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उसे असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया। तब से वह वहीं बंद है।
अमृतपाल मूल रूप से अमृतसर जिले के जल्लूपुर खेड़ा गांव का रहने वाला है। वह 2022 में दुबई से पंजाब लौटा था और इसके बाद ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन की गतिविधियों के चलते चर्चा में आया।
जेल में रहते हुए बना था सांसद
अमृतपाल सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था। जेल में रहते हुए उसने चुनाव जीता और लोकसभा सांसद बना।
उसके खिलाफ खालिस्तान समर्थन और राज्य के खिलाफ युद्ध भड़काने समेत कई आरोपों को लेकर मामले चल रहे हैं। अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी और डिब्रूगढ़ जेल में बंद किए जाने के बाद से उसका मामला पंजाब की राजनीति में भी लगातार चर्चा का विषय रहा है।
फिलहाल अमृतपाल सिंह को अदालत से मिली इस अनुमति के बाद अपनी बीमार दादी से वीडियो कॉल पर बात करने का मौका मिलेगा।



























